फोटो 03 महाविद्यालय में निर्माणाधीन रंगमंच का अधर में लटका कार्य व वर्तमान स्थिति। संवाद
मंडी अटेली। राजकीय महाविद्यालय परिसर में साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा जिले का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम छह वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2019 में शुरू हुए इस निर्माण कार्य को 2021 तक पूरा किया जाना था लेकिन अब तक केवल करीब 40 फीसदी काम ही हो पाया है। इससे छात्र आवश्यक सुविधा से वंचित हैं।
लोक निर्माण विभाग ने ऑडिटोरियम निर्माण का कार्य दिल्ली की एक एजेंसी को सौंपा था। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद निर्माण कार्य कछुआ चाल से आगे बढ़ रहा है। परियोजना अधूरी रहने से महाविद्यालय प्रशासन भी चिंता जता रहा है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस ऑडिटोरियम के निर्माण से छात्रों को सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद थी। निर्माण कार्य लंबा खिंचने से छात्रों में निराशा है।
छात्रों का कहना है कि ऑडिटोरियम बनने से महाविद्यालय के कार्यक्रमों, बैठकों और कार्यशालाओं का बेहतर संचालन हो सकेगा। साथ ही बड़ी संख्या में छात्रों और अतिथियों के बीच संवाद और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन में भी सुविधा मिलेगी। इसलिए निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाना चाहिए।
वर्जन
रंगमंच का निर्माण कार्य साल 2019 में आरंभ किया गया था। लेटलतीफी के कारण केवल 40 फीसदी कार्य पूरा हो पाया है। इससे महाविद्यालय प्रशासन चिंतत है। कार्य को पूरा कराने के लिए हर पखवाड़े रिमाइंडर सरकार व प्रशासन को भेजा जा रहा है।
राजेश सैनी, प्राचार्य महाविद्यालय अटेली।
वर्जन
रंगमंच का निर्माण करने के लिए दिल्ली की ऐजेंसी को ठेका दिया गया था। जिसे एजेंसी को साल 2021 तक पूरा करना था लेकिन वह अब तक नहीं हो पाया। अब तो हालात ऐसे हो गए हैं कि ऐजेंसी के ठेकेदार ने भी संपर्क करना बंद कर दिया है। अब नई एजेंसी को ठेका देकर कार्य को जल्द ही पूरा करवाया जाएगा।
जितेंद्र, जेई, लोक निर्माण विभाग नारनौल।