नारनौल। शहर के नागरिक अस्पताल में करीब डेढ़ महीने पहले तक मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब व्यवस्था में सुधार हो गया है। इन दिनों नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 60 अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। पहले एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था।
अगर किसी मरीज को समय भी दिया जाता है तो वह भी अगले ही दिन का दिया जाता है। इसमें भी वह मरीज शामिल होते हैं जो दोपहर दो बजे के बाद पहुंचते हैं। वहीं दो बजे से पहले पहुंचने वाले लगभग सभी मरीजों का अल्ट्रासांउड हो जाता है। व्यवस्था में सुधार का सबसे बड़ा कारण यह है कि अल्ट्रासाउंड करने वाले डाॅ. धर्मेंद्र सांगवान के पास पहले सिविल सर्जन व एमएस का चार्ज होता था।
उस समय भी वे रोजाना दो घंटे समय निकाल कर करीब 30 से 40 अल्ट्रासाउंड करते थे। उस समय डॉ. धर्मेंद्र सांगवान के पास जिम्मेदारी अधिक होने के कारण वे अपना पूरा समय नहीं दे पाते थे। अब नागरिक अस्पताल में डॉ. अशोक कुमार ने सिविल सर्जन का कार्यभार संभाल लिया है और एमएस का कार्यभार भी डॉ. आशा शर्मा के पास है । अब अन्य जिम्मेदारियों से निजात मिलने के बाद डॉ. धर्मेंद्र सांगवान सुबह नौ बजे से शाम तीन बजे अल्ट्रासाउंड करते हैं। इतने समय लगातार अल्ट्रासाउंड होने के कारण लगभग सभी मरीजों का नंबर एक ही दिन में आ जाता है और अब किसी भी मरीज को न तो इसके बाहर जाना पड़ता है और न ही लंबा इंतजार करना पड़ता हैं।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में जरूरतमंदों का समय पर अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण पैसे खर्च करके बाहर से करवाना पड़ता था। बहुत से मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए एक महीने तक इंजतार करना पड़ता था। इस अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती भी परेशान रहती थी।
वर्जन-
रोजाना करीब 60 अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। रोजाना सुबह नौ बजे से तीन बजे तक अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। अब किसी भी मरीज को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। सप्ताह में अवकाश वाले दिन को छोड़कर नियमित अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं।-डॉ. धर्मेंद्र सांगवान। अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट, नागरिक अस्पताल