फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: खाद के लिए केंद्र के बाहर 12 घंटे तक इंतजार

विज्ञापन
फोटो नंबर- 11नारनौल ​स्थित खाद केंद्र के बाहर लगी किसानों की लाइन। संवाद
विज्ञापन
नारनौल। अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद केंद्र पर दो दिन बाद सोमवार को खाद वितरण शुरू किया गया। खाद लेने के लिए किसान सुबह 4 बजे से केंद्र के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। जैसे ही खाद केंद्र खुला तो शनिवार को जिन किसानों को टोकन नंबर दिए गए थे, उन्हें ही खाद का वितरण किया गया। सोमवार को सुबह से केंद्र के बाहर खड़े किसानों को खाद नहीं मिल पाया।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार शुक्रवार व शनिवार को खाद नहीं होने के कारण खाद वितरित नहीं किया गया था लेकिन शनिवार को खाद केंद्र पर पहुंचने वाले किसानों को टोकन नंबर वितरित किए गए थे। इसलिए सोमवार को पहले उन किसानों को खाद वितरित किया गया जिन्होंने शनिवार को टोकन कटवाए थे। दोपहर 2 बजे के बाद अन्य किसानों को भी खाद वितरित किया गया। इस कारण खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को खाद केंद्र के बाहर 12-12 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है।
-
खाद की मांग 15 हजार बैग और अब तक वितरण केवल 4100 बैग
खाद की मांग की तुलना में 28 दिनों में केवल 27 प्रतिशत खाद का ही वितरण किया गया है। जानकारी के अनुसार सरसों की बिजाई के समय नारनौल स्थित खाद केंद्र से करीब 15 हजार डीएपी बैग का वितरण किया जाता है। इस बार सरसों की बिजाई से पहले 16 सितंबर से अब तक केवल 4100 बैग डीएपी का वितरण किया गया है।
विज्ञापन


400 बैग डीएपी का किया गया वितरण
सोमवार को करीब 400 बैग डीएपी व 200 बैग टीएसपी का वितरण किया गया। खाद केंद्र पर अब 1100 बैग डीएपी व 200 बैग टीएसपी वितरण के लिए उपलब्ध है। गत शनिवार को 1500 बैग डीएपी व 400 बैग टीएसपी की खेप खाद केंद्र पहुंची थी। एक किसान को केवल 2 बैग डीएपी व 1 बैग टीएसपी का वितरण किया जाता है।

15 दिनों में केवल 7 दिन किया गया खाद का वितरण
गांवों में बने सरकारी उपकेंद्रों पर खाद का वितरण नहीं किया जा रहा और नारनौल स्थित खाद केंद्र पर भी नियमित रूप से खाद का वितरण नहीं किया जा रहा। इस कारण किसानों को खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा और किसानों में रोष व्याप्त है। कभी खाद नहीं होने और कभी अवकाश के कारण नारनौल स्थित खाद केंद्र पर 15 दिनों में केवल 7 दिन ही खाद का वितरण किया गया है।

सुबह 4 बजे खाद केंद्र पहुंच गया था। पहले शनिवार को जिन किसानों को टोकन दिए गए थे उन्हें खाद दिया गया जिसके बाद मुझे शाम 4 बजे खाद मिल पाया। दो बैग डीएपी लेने के लिए 12 घंटे खाद केंद्र के बाहर बैठना पड़ रहा है। वितरण व्यवस्था किसानों को परेशानी दे रही है। -राजेश सिंह, किसान, गांव-बदोपुर
-
बाजरे का पंजीकरण करवाने वाले किसानों को ही खाद दिया जा रहा है। पंजीकरण के हिसाब से जितने क्षेत्र का पंजीकरण है, उस के हिसाब से ऑनलाइन संदेश भेजकर खाद का वितरण किया जाना चाहिए ताकि जब जिस किसान का नंबर आए खाद केंद्र पर आए और सुगमता से खाद प्राप्त कर सकें। -मुकेश, किसान, गांव-गहली

वर्जन :
नारनौल स्थित खाद केंद्र पर 1500 बैग डीएपी व 400 बैग टीएसपी खाद की खेप पहुंचाई गई है। आवश्यकता अनुसार सभी खाद केंद्रों पर खाद की खेप पहुंचाई जा रही है। गांवों में बने खाद केंद्र पर भी खाद का वितरण जल्द शुरू किया जाएगा। -सजंय यादव, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक, कृषि विभाग, नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें