नारनौल। शहर के रेवाड़ी रोड पर स्थित वीटा मिल्क चिलिंग सेंटर ने सर्दियों के दिनों में जब दूध की खपत कम होती है उस समय भी किसानों के दूध की रिकार्ड खरीददारी की है।
दिसंबर 2023 में रिकार्ड 49000 लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा गया, जो दिसंबर माह में अब तक की गई खरीददारी के मामले में सबसे ज्यादा है। वहीं जनवरी 2024 और फरवरी 2024 में भी प्रतिदिन क्रमश 35000 लीटर और 30000 लीटर दूध की खरीददारी की गई। दूध की खरीददारी प्रक्रिया के संचालन को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में 70 दूध उत्पादक सहकारी समिति और 17 बीएमसी कार्य कर रही है। दूध उत्पादक सहकारी समिति 40 या उससे ज्यादा पशुपालकों के एक समूह को कहा जाता है। इस समिति में पशुपालन करने वाले लोग दूध का फैट जांच करवाकर दूध बेच सकते हैं। सर्दियों में दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग में गिरावट रहती है। जिस वजह से कई बड़ी दूध कपंनियों के द्वारा दूध की खरीददारी में कमी कर दी जाती है, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है।
समिति से जुडे किसानों के लिए कई योजनाएं
क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा किसान दूध उत्पादक सहकारी समिति से जुडे इसके लिए विभाग द्वारा कई योजनाओं को चलाया गया है। जैसे समिति से जुडे़ किसानों को 5 लाख तक दुर्घटना बीमा प्रदान किया जाता है। जिसकी किस्त भी विभाग द्वारा जमा की जाती है। वही समिति से जुडे किसानों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। दसवीं और बारहवीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त करने पर 2100 और 5100 रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। लड़की की शादी में विभाग द्वारा 1100 रुपए कन्यादान शगुन राशि भी दी जाती है।
विभाग द्वारा पशुपालन करने वाले किसानों के लिए कई योजनाओं को चलाया गया है। दूध उत्पादक सहकारी समिति से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा किसान भाई इसका लाभ उठा सकते हैं।
उदयभान यादव, प्रबंधक वीटा मिल्क चिलिंग सेंटर।