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ग्रामीणों को तीन माह से नहीं मिला राशन, नाराजगी

Sat, 28 Jan 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रामीणों ने किया डिपो होल्डर के प्रदर्शन
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मांडोला गांव के  राशन डिपो से लाभार्थियों को तीन महीने से राशन नहीं मिलने ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में उन्हें भ्रष्टाचार की बू आ रही है क्योंकि डिपो होल्डर ने एक बार पहले ग्रामीणों को चीनी 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दी थी। सरकारी रेट 14 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव मिलता है। ग्रामीण समय पर अनाज नहीं मिलने को लेकर प्रशासन से कई बार मिल चुके हैं लेकिन उन्हें कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिलता। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने 24 जनवरी को सीएम विंडो में लगाई है जबकि उक्त मामले को लेकर डिपो होल्डर का कहना है कि बीपीएल कार्ड धारकों को सभी को अनाज मिलता है। इस महीने में भी डिपो से 36 क्विंटल अनाज बांटा जा चुका है। इस मौके पर अशोक कुमार, अमर सिंह,  रामबिलास, रूपराम, रमेश चंद्र, राकेश पंच, बुट्टा सिंह, कृष्णा कुमार, नरेश कुमार, सुभाष, सतीश, रामकिशन, मोनू, बीर सिंह, चिरंजीलाल, रामानंद, जसवंत, पृथ्वी मौजूद रहे।
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तीन माह से नहीं मिल रहा राशन
पिछले तीन माह से ग्रामीणों को राशन नहीं मिल रहा। अनाज नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों में काफी रोष है। नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह का अनाज करीब 50 लोगों को नहीं मिल पाया है। पहले जब भी राशन मिला है उस समय भी 8 से 10 कार्ड धारक रह जाते हैं। - नरेश।

6 महीने से नहीं मिली चीनी
पिछले छह महीने से ग्रामीणों को दाल एवं चीनी नहीं मिली है। इसके अलावा अनाज भी समय पर नहीं मिल पा रहा। गरीब लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कार्ड धारकों को बाजार से 40रुपये प्रति किलो के हिसाब चीनी लानी पड़ रही है। सरकार की ओर से डिपो से हमें 14 रुपये प्रति किलो महीने के हिसाब से 2 किलो चीनी मिलती है। लेकिन छह महीने से डिपो धारक चीनी नहीं दे रहा। - शेर सिंह।
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चीनी के नाम पर किया घोटाला
डिपो धारक चीनी के नाम पर घोटाला कर रहा है। डिपो से ग्रामीणों को 14 रुपये प्रति किलो चीनी मिलती है। दसवें महीने में डिपो में चीनी आई थी उस दौरान डिपो  पर काम करने वाले लड़के ने बीपीएल कार्ड धारकों से 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी के पैसे लिए गए थे जोकि सरासर गलत है।  - पृथ्वी सिंह।

अनाज में मिलते है कंकड़
प्रशासन और डिपो होल्डर गरीबों के साथ भद्दा मजाक करते हैं। एक तो अनाज समय पर नहीं दिया जाता दूसरा अनाज जब मिलता है तभी उसमें कंकड़ एवं रेत मिला हुआ होता है। अभी तीन महीने हो गए लेकिन उन्हें अनाज नहीं मिल पाया है। इससे पहले अनाज मिला उसमें रेत एवं कंकड़ काफी मात्रा में थे। - अमर सिंह।

कोट
मैं गांव ऊष्मापुर का डिपो होल्डर हूं। गांव मांडोला का डिपो मेरे पास अटैच है। राशन बांटने का कार्य उनके गांव के व्यक्ति के द्वारा करवाया जाता है। इस महीने के 36 क्विंटल गेहूं बांटे जा चुके हैं। चीनी के समय राशन बांटने वाले को कीमत का नहीं पता था। अब जब चीनी आएगी तो दोबारा बांटने पर उनसे रुपये कम लिए जाएंगे। - राज सिंह-डिपो होल्डर
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