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ग्रामीणों ने खोली स्कूल की तालाबंदी

Sat, 07 May 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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स्कूल की तालेबंदी खोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेघोत हाला स्कूल में शुक्रवार सुबह इंचार्ज के डेपूटेशन के आदेश पहुंचने पर ग्रामीणों ने तालाबंदी खोल दी। इसके बाद ग्रामीण-शिक्षकों की बैठक हुई। इसमें एसएमसी के दोबारा गठन और छात्र संख्या बढ़ाने का फैसला लिया  गया। राहुल कुमार, सत्यपाल, बिक्रम, दीपचंद व विकास कुमार आदि ने बताया  कि विद्यार्थियों की सुविधा को लेकर विभाग द्वारा मेघोत हाला स्कूल  अपग्रेड कर दी गई, लेकिन प्राचार्य व विभिन्न विषयों के शिक्षक नियुक्त  नहीं किए गए। वेतन विड्राल के लिए वरिष्ठ शिक्षक को डीडीओ चार्ज दिया गया था। इसी दौरान फिजिक्स विषय के शिक्षक अमित कुमार ने ज्वाइनिंग की।  न्होंने शिक्षकों पर राजनीतिक प्रभाव जमाना शुरू कर दिया।
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तबादले के डर से  उन्होंने चार्ज छोड़ दिया, इसके बाद डीईओ ने अमित को डीडीओ नियुक्त कर दिया। चार्ज संभालने के बाद डीडीओ स्कूल की गतिविधियों में विभिन्न कारण दर्शाकर गैरहाजिर रहना शुरू कर दिया। ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर उन्होंने शासन की धौंस जमाई। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को तालाबंदी कर दी थी। बीइओ सूरजभान यादव व ओमप्रकाश मोरवाल से ग्रामीणों को  समझाकर ताला खुलवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अमित के तबादले व दूसरा  शिक्षक भेजने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने दूरभाष पर जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावणिया को स्थिति से अवगत करवाया। सायं करीब तीन बजे डीईओ ने आरोपी  डीडीओ का डेपूटेशन मंढाणा कर दिया, उसकी जगह बागोत स्कूल में नियुक्त  शिक्षक सुशील सैनी को भेजा गया है। परंतु ग्रामीणों ने लिखित आदेशों की फोटो कापी उपलब्ध करवाने की मांग रख दी। तालाबंदी नहीं खुलने की सूचना  मिलने पर बीईओ सूरजभान यादव ने डेपूटेशन आदेश स्कूल में भिजवाए। जिन्हें पढ़ने के बाद उन्होंने तालाबंदी खोली।

सक्रिय अभिभावक शामिल होंगे एसएमसी में
ग्रामीणों ने बताया कि इंचार्ज द्वारा लचर एसएमसी गठित की गई थी। जिससे विभागीय योजनाएं क्रियान्वित नहीं हो सकती। बुधवार को ग्रामीण-शिक्षकों की बैठक  होगी। जिसमें सक्रिय अभिभावकों को कमेटी में शामिल किया जाएगा। इस दौरान स्कूल की विभिन्न समस्याओं पर विचार तथा उनके समाधान की रूपरेखा बनेगी।
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स्कूल में बढ़ाएंगे विद्यार्थियों की संख्या
उन्होंने बताया कि लचर अनुशासन के कारण अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला अन्य संस्थाओं में करवाना शुरू कर दिया। एसएमसी गठन के बाद  बखरीजा, मेघोत बींजा, लूजोता गांव में शिक्षकों के साथ डोर-टू-डोर जनसंपर्क करेंगे। अभिभावकों को दाखिलों के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अनुशासन पर रहेगी नजर
खंड शिक्षा अधिकारी सूरजभान यादव ने बताया कि स्कूलों में अनुशासनहीनता सहन नहीं होगी। औचक निरीक्षण कर जायजा लिया जाएगा। साबित होने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके।
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