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सात गांवों में पानी के लिए मचेगा हाहाकार

Fri, 06 May 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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अब सात गांवों पानी के लिए हाहाकार मचेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जेनएल से महेंद्रगढ़ की नहरों में पानी आना बंद हो गया है। यह दिक्कत केवल एक-दो दिन नहीं बल्कि 20 दिन से अधिक रह सकती है। अप्रैल माह में केवल 17 दिन नहर में पानी आया था। नहर में पानी कम दिन आने की वजह से पानी सभी वाटर टैंकों में नहीं भरा जा सका। जन स्वास्थ्य विभाग के पास 22 वाटर वर्कर्स है इन वाटर वर्कर्स में 7 गांव डेरोली जाट, नानकवास, नांगल सिरोही, खैरोली, सिसोठ, खातोद बुचावास के वाटर वर्कर्स के टैंकरों में पानी न के बराबर हैं। गांव मालडा, खुडाना और बसई में पानी तो पहुंचा लेकिन वहां पूरा नहीं पहुंचा। यानी पानी की किल्लत का सामना गांव मालडा, खुडाना और बसई को भी करना पड़ सकता है।
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17 दिन ही आया पानी
इस बार नहर 17 दिन ही आई है जबकि नहर 21 दिन तक आती है। इतना ही नहीं का 600 से अधिक क्यूसिक पानी छोड़ा जाता है वह इस बार कम 400 से 500 क्यूसिक छोड़ा गया था जिस कारण उक्त गांवों में पानी पूरा नहीं  पहुंच पाया।

जन स्वास्थ्य विभाग के पास 15 दिन का पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के पास  मात्र 16 दिन का पानी है जबकि नहर 24 दिन बाद आएगी। जन स्वास्थ्य विभाग के पास मात्र 20 मई तक पानी है। जबकि नहर 27 या 28 मई को आने की संभावना है। ऐसे में 8 दिनों तक शहरवासियों को पानी के लिए जूझना पड़ सकता है।
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जन स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सूचना
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेविंग वाटर के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है। विभाग ने 5 मई से 30 मई तक पानी बचाने के लिए हिदायत दी। विभाग ने बताया कि उक्त अवधि में पार्कों में पानी देना, छिड़काव, गाड़ियों को धोना, घरों को प्रांगण को धोने पर मनाही की है। जिन घरों के नलों पर टूटी नहीं लगी हुई उन्हें टूटी लगवानी होगी। अन्यथा पानी की कमी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकता है। इसके अलावा विभाग अभियान भी चलायेगा। जहां पर भी पानी की टूटी खुली मिली तो उस नल का कनेक्शन काट दिया जाएगा।
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