कनीना। उप मंडल के गांव धनौंदा में लंबे समय से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। इससे ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि गांव में गंदगी, चोक नालियां और सड़कों पर फैला कचरा स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है।
इस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौन हैं। मीर सिंह, किशनपाल सिंह, चंद्रपाल, यशपाल, पवन राजपूत, हवा सिंह, सुनील, अनील, धर्मबीर, जितेंद्र, पृथ्वी, संदीप, नितिन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वेद मंदिर वाली सड़क और जोहड़ के पास प्लास्टिक व कचरा बिखरा पड़ा है। इससे दुर्गंध फैल रही है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि दो साल पहले गांव में एक नाला बनाया गया था। जिसकी अब तक सफाई नहीं हुई है। गंदा पानी सड़क पर जमा रहता है और कूड़ा डालने के लिए कोई उचित स्थान नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में सफाई पर जोर देने की बात करती है वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है।
ग्रामीणों ने गांव के सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, जिला पार्षद और ग्राम सचिव से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और तुरंत सफाई की उचित व्यवस्था करवाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे उच्च अधिकारियों को शिकायत देने को मजबूर होंगे।