फोटो संख्या: 58 हत्या के मामले को लेकर शहरी थाने का घेराव करते हुए ग्रामीण---संवाद
महेंद्रगढ़। संदिग्ध परिस्थितियों में गांव खुडाना निवासी अनिल की मौत के मामले में दस दिन बीत जाने के बावजूद भी गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को महेंद्रगढ़ थाने का घेराव किया।
सैकड़ों ग्रामीण व आसपास के लोग सुबह सदर थाना महेंद्रगढ़ पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। सबूतों को भी नष्ट किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सुबह दस बजे से एक बजे तक तीन घंटे थाने में धरने पर बैठ गए तथा जमकर नारेबाजी की। डीएसपी के 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
ग्रामीणों के हंगामे को ध्यान में रखते हुए शहर थाना पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई। डीएसपी दिनेश कुमार ने ग्रामीणों की पांच सदस्यीय कमेटी के साथ बंद कमरे में बातचीत की। गांव खुडाना से लापता हुए 46 वर्षीय अनिल का 15 फरवरी को शहर की सब्जी मंडी के पास एक खाली प्लाट में शव मिला था। पुलिस ने मृतक के भाई विजय सिंह के बयान पर पुलिस ने महेंद्रगढ़ निवासी योगेश उर्फ सुसा तथा लीला निवासी सुरजनवास के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
ग्रामीण पिछले मंगलवार को एसपी से मिले थे। इसके बाद उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। ग्रामीणों ने जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
इंसेट
- मृतक के भाई ने लगाए पुलिस पर आरोप
मृतक के भाई विजय सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने में जुटा है। उन्होंने अपने तौर पर सबूत भी जुटा कर पुलिस को दिए हैं। लेकिन पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है। इसके अलावा पुलिस आरोपियों को थाने में बिठाकर चाय पानी तक पिलाती है। वह कई बार एसपी व डीएसपी से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। परेशान होकर मजबूरी में आज शहर थाना का घेराव कर धरना दिया है। उनका धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती।