सिहमा। निकटवर्ती गांव हुड़िया खुर्द में निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई के भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण में कथित रूप से घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि निर्माण में पांच-छह महीने पुरानी सीमेंट और मिट्टी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
भाजपा नेता वेदप्रकाश ठेकेदार, सामाजिक कार्यकर्ता कर्मवीर यादव, भामाशाह अमन कुमार यादव, श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि आईटीआई भवन लंबे समय के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसे में इसकी मजबूती और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
सामग्री की जांच कराने की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण सामग्री की जांच कराने और निर्धारित तकनीकी मापदंडों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन से बनने वाले भवन की गुणवत्ता सीधे विद्यार्थियों और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण सामग्री की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे निर्माण स्थल पर धरना देने को मजबूर होंगे। इस दौरान वेदप्रकाश ठेकेदार, कर्मवीर यादव, अमन कुमार यादव, अरुण कुमार, सतीश, निशांत, मोहित कुमार, मनीष कुमार और दीपक यादव समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।जाएगा।
वर्जन:
सीमेंट करीब पांच महीने पुरानी जरूर है, किसी कारणवश काम में रुकावट आ गई थी लेकिन सीमेंट ब्रांडेड कंपनी की है, ठेकेदार की नहीं है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ठेकेदार को सीमेंट उपलब्ध करवाते हैं व नई सीमेंट के लिए ऑर्डर कर दिया गया है।
-देवराज सिंह, कनिष्ठ अभियंता।