क्षेत्र में तीसरे दिन भी धुंध का कहर जारी रहा। ठिठुरन बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। लोगों ने अलाव के सहारे पूरा दिन व्यतीत किया। दोपहर तीन बजे ही सूर्यदेव के दर्शन कुछ मिनटों के लिए हुए।
इसके बाद देर सायं तक क्षेत्र में भारी धुंध रही। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में बच्चे सुबह के समय स्कूल जाते देखे गए। परिजनों ने विद्यार्थियों की छुट्टी की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र का न्यूनतम 2.5 और अधिकतम तापमान 21 डिग्री रहा। नमी की मात्रा 76 प्रतिशत रही और दृश्यता 16 किलोमीटर की रही।
तीन से पड़ रही धुंध ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। बाजारों की रौनक गायब हो गई है। ठंड के कारण गांवों के ग्राहक बाजारों में नजर नहीं आ रहे हैं। बाजार भी देरी से खुल रहे हैं। लोग सुबह से ही घर पर अलाव जलाकर ठंड से बचते रहे। सीमा, राजेश, सुनीता, बिमला, प्रियंका ने बताया कि इस समय ठंड काफी है। ठंड में स्कूल जाने के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने जिला शिक्षा विभाग से बच्चों की छुट्टी करने की मांग की है।