फोटो नंबर-24बस स्टैंड के बाहर लगा यूनिपोल। संवाद
नारनौल। शहर में प्रचार के लिए निर्धारित यूनिपोल को लेकर चल रहा विवाद इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में नगर परिषद ने रेवाड़ी की कंपनी सांवरिया एडवर्टाइजमेंट को बकाया राशि जमा नहीं कराने पर ब्लैकलिस्ट कर दिया है जबकि दूसरी कंपनी की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया है।
नगर परिषद ने पहले शहर के सभी यूनिपोल का ठेका रेवाड़ी की एक कंपनी को दिया था। इस कंपनी के पास अभी भी करीब आधे स्थानों का ठेका था लेकिन कंपनी की ओर से करीब 9,70,000 रुपये की बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इसके चलते नगर परिषद ने वीरवार को कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
वहीं इस बार एक स्थानीय कंपनी ने शहर के सात स्थानों पर यूनिपोल लगाने का ठेका लिया है और निर्धारित भुगतान भी जमा करा दिया है। नई कंपनी को ठेका मिलने के बाद पुरानी कंपनी ने उन स्थानों से अपने यूनिपोल हटवा लिए। इसके बाद नई कंपनी ने उपायुक्त को शिकायत देकर यूनिपोल को सरकारी संपत्ति बताते हुए चोरी होने का आरोप लगाया।
इस पर नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यूनिपोल नगर परिषद की सरकारी संपत्ति नहीं होते। यदि ऐसा होता तो परिषद स्वयं चोरी का मामला दर्ज करवाती। अधिकारियों के अनुसार यूनिपोल पुराने ठेकेदार की निजी संपत्ति थे जिन्हें नए टेंडर जारी होने के बाद हटाया गया।
नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि शहर में प्रचार के लिए कुल 18 स्थान निर्धारित किए गए हैं। नियमानुसार परिषद केवल स्थान उपलब्ध करवाती है जबकि यूनिपोल लगाने व हटाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होती है।
वर्जन:
नगर परिषद कंपनी को निश्चित किए गए 18 स्थानों पर प्रचार यूनिपोल लगाने का ठेका छोड़ती है। यह सारा काम पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है। यूनिपोल चोरी नहीं हुए बल्कि पुरानी कंपनी ने हटा लिए। पुरानी कंपनी को बकाया पेमेंट जमा नहीं कराने पर उसे ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है।-सोहन सिंह, एमई नगर परिषद, नारनौल