एकादशी व्रत के उद्यापन अवसर पर पंडितों को सम्मानित करते ब्रह्मचारी स्वामी शिवानंद महाराज।
कनीना। अगर विधि विधान से एकादशी का व्रत किया जाए तो मानव को मनवांछित फल प्राप्त होता है उक्त विचार परम संत शिरोमणि स्वामी कृष्णानंद महाराज की गदी पर विराजमान ब्रह्मचारी संत स्वामी शिवानंद महाराज ने सोमवार को एकादशी के व्रत का उद्यापन अवसर पर बोलते हुए व्यक्त किए। स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा एकादशी का व्रत सभी व्रत में सबसे बड़ा है। अगर इस व्रत को विधि विधान से किया जाए तो मानव को मोक्ष प्राप्ति हो जाती है। मानव को एकादशी का व्रत अवश्य ही रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि एकादशी का व्रत करने वालों को उस दिन कम बोलना चाहिए। फल भी दिन में केवल एक बार ही लेना चाहिए। इस दिन व्रत धारण करने वाले को एकादशी व्रत की कथा सुननी चाहिए व ज्यादा से ज्यादा श्री हरि की पूजा करनी चाहिए। उनका ध्यान करना चाहिए वहीं अगले दिन मानव को चावल, मूंग की खिचड़ी से व्रत को खोलना चाहिए। इस अवसर पर ठाकुर कर्मवीर सिंह, विजय कुमार आर्य, घनश्याम शास्त्री, नरेंद्र शास्त्री, समाज सेवी ओडीलाल शर्मा, जोगिंद्र चौधरी उन्हानी, बालमुकुंद शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।