नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव लुजोता में मंगलवार की सुबह अनियंत्रित ट्रॉले ने दो लोगों को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल नारनौल व कोटपूतली में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने ट्रॉला चालक पर केस दर्ज कर लिया है। इससे नाराज लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा दिया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 9-10 बजे पथाणा गांव (राजस्थान) से कुछ लोग लुजोता में रिश्तेदार के घर मृत्यु पर शोक जताने पिकअप से आए थे। वाहन को लुजोता की क्रॉसिंग पर खड़ा कर पुरुष व महिलाएं सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान निजामपुर की तरफ से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रॉले ने लोगों को चपेट में ले लिया। हादसे में चंद्रकला (28) तथा सुरेश कुमार (30) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें सीएचसी नांगल चौधरी पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही काफी ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रोष जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। जाम लगाने की सूचना मिलने पर नांगल चौधरी थाना प्रभारी मेहर सिंह मौके पर पहुंचे। एसएचओ ने ब्रेकर बनवाने का आश्वासन दिया। लेकिन, ग्रामीण पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। 11 बजे डीएसपी नरेंद्र सिंह हादसा स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्या सुनी और दो घंटे में ब्रेकर बनवाने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने कार्रवाई के लिए शवों को उठाने की अनुमति दी और जाम खोल दिया।
एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर जताया आक्रोश
हादसा होने के तुरंत बाद ग्रामीणों ने एंबुलेंस के लिए कंट्रोल रूम में कॉल की। लेकिन, आधा घंटा बीतने के बावजूद भी मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद किसान नहरी संघर्ष समिति के प्रधान महावीर ने निजी वाहन से घायलों को नांगल चौधरी अस्पताल पहुंचाया।
चालक के खिलाफ केस दर्ज
थाना इंचार्ज मेहर सिंह ने बताया कि हादसे के बाद ट्रॉला चालक मौके से भागने में कामयाब हो गया। पुलिस ने ट्रॉले को कब्जे में लेकर केस दर्ज कर लिया है। दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए।
ये हुए घायल
चंद्रकला, सुरेश, बंसती, राम निवास, रोहताश व शर्ती देवी समेत अन्य लुजोता गांव में शोक सभा में आए थे। घायल बंसती, रामनिवास, रोहताश, सर्ती देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। उर्मिला, रेशमी, अनीता, सुनीता, संतरी, विजय, अमीलाल व सुरेश को नागरिक अस्पताल नारनौल में भर्ती कराया गया है। घायल उर्मिला ने बताया कि तेज रफ्तार में ट्रॉला सामने से आ रहा था। बचने की कोशिश करती कि उसने चपेट में ले लिया।
मां के बीमार होने पर भाई आया था
चंद्रकला (मृतक) का एक लड़का और एक लड़की है। सुरेश (मृतक) दो भाईयों में छोटा था। सुरेश के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। भाई लीलाराम ने बताया कि शोक सभा में भाई सुरेश की जगह मां को आना था। लेकिन, मां के पैर में दर्द होने के कारण भाई को भेज दिया था।