सोमवार देर रात महेंद्रगढ़ के धनौंदा गांव में लंपी रोग से पशुपालक मदन और मुकेश के गोवंश की मौत हो गई। पशुपालकों ने बताया कि गांव के पशु अस्पताल में वेटरनरी सर्जन डॉ. ईशान गोयल और वीएलडीए राकेश यादव ने कुछ दिन पहले गोवंश के लंपी की चपेट में आने की पुष्टि की थी। उन्होंने विभाग पर वैक्सीन न लगाने का आरोप लगाया। कहा कि गांव में लंपी के केस मिलने के बाद विभाग ने सतर्कता बरतने के बजाय लापरवाही बरती। इससे दोनों गोवंश की मौत हो गई।
गुस्साए ग्रामीणों ने पशुपालकों के साथ मिलकर गांव के बस अड्डे पर प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पंच डॉ.मुकेश के नेतृत्व में समाजसेवी एवं बसपा नेता अतरलाल को हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा के नाम ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों ने कहा कि पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लंपी रोग की रोकथाम और पशुओं के उपचार को लेकर पशुपालन विभाग की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गई है। बीमारी फैलने की आशंका के चलते पशुपालक भय और चिंता में हैं।
ज्ञापन में लंपी रोग की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने, बीमारी से प्रभावित एवं पशु गंवाने वाले पशुपालकों को उचित मुआवजा देने तथा पशुपालकों को लंपी रोग के लक्षण, बचाव एवं उपचार के संबंध में जागरूक करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने सरकार और पशुपालन विभाग से गांव में पशुओं की जांच एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था कराने तथा बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर भूपेंद्र सिंह, डॉ.मुकेश, मीर सिंह वैद्य, प्रताप सिंह, प्रवीण, मनोज, हिमांशु, जयपाल, नरेश, संदीप, रविंद्र, नितिन, सुभाष शर्मा, गणेश, मदन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
नारनौल पशुपालन और डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. नसीब ने कहा कि लंपी से गोवंश की मौत की जानकारी नहीं है। वीरवार सुबह टीम को गांव में भेजा जाएगा। गोवंश के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। जिन पशुओं में लंपी के लक्षण पाए जाएंगे उनके उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।