नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की सुरक्षा पुख्ता करने और हिंसा व झगड़े की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दो कमेटियों का गठन किया गया है। इन कमेटियों का गठन कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में अस्पताल की जूनियर डाॅक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर देने की घटना से सबक लेते हुए किया गया है।
इसमें एक कमेटी हिंसा रोकथाम कमेटी जिसमें डाॅ. कंवर सिंह चौहान, डाॅ. अनिल व डाॅ. प्रमोद को शामिल किया गया है। वहीं, दूसरी कमेटी अस्पताल सुरक्षा कमेटी जिसमें डाॅ. हर्ष चौहान, डाॅ. पंकज व डाॅ. कृष्ण कुमार को शामिल किया गया है। नागरिक अस्पताल में भी कई बार मरीजों के साथ आए परिजनों की ओर से चिकित्सकों के साथ झगड़े की घटना हो चुकी है। इन घटनाओं पर रोक लगाने व चिकित्सकों तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए हिंसा निवारण समिति जो हिंसा की रोकथाम के लिए बनाई गई हैं। यह कमेटी हिंसा व झगड़े संबंधी सभी मामले देखेगी।
दूसरी कमेटी सुरक्षा के सभी इंतजामों पर नजर रखेगी। यह टीम अस्पताल की सुरक्षा को देखते हुए गार्ड व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी की तैनाती के साथ-साथ अस्पताल की अन्य सभी देखरेख के कार्य करेगी। नागरिक अस्पताल में इन दोनों कमेटियों के गठन से अब चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा और उन्हें इसके लिए अधिकारियों के पास जाने के बजाय इन कमेटियों के सामने अपनी समस्या रख देने से ही निदान हो जाएगा।
नागरिक अस्पताल में हिंसा निवारण समिति और अस्पताल सुरक्षा कमेटी बनाई गई हैं। इन कमेटियों का गठन उच्चतम न्यायालय के आदेश पर किया गया है। यह कमेटियां पूरे प्रदेश के अस्पतालों में बनाई गई हैं। नागरिक अस्पताल में कमेटियों में शामिल चिकित्सकों को उनके कार्य बारे में भी बता दिया गया। इन दोनों कमेटियों के गठन से अस्पताल में काफी लाभ पहुंचेगा।
-डाॅ. धर्मेंद्र सांगवान, कार्यकारी सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल, नारनौल।