फोटो 05 शहीद जसवंत सिंह की पत्नी को सम्मानित करते सेना के अधिकारी। स्रोत: ग्रामीण
सिहमा। सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर जसवंत सिंह की 31वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा में समूह केंद्र गुरुग्राम से आए सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट सत्यनारायण सोनवाल व उनकी टीम ने उनके चित्र के सामने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर परिवार को सम्मानित किया।
सब इंस्पेक्टर जसवंत सिंह सन् 1963 में सिपाही के पद पर मध्य प्रदेश के नीमच में भर्ती हुए थे। वह 83 बटालियन सीआरपीएफ मणिपुर में तैनात थे। बचपन से ही उनकी सेना में जाने की रुचि थी। 28 जून 1995 में मणिपुर में पेट्रोलियम करते समय आतंकवादियों से उनकी मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ वह देश के लिए शहीद हो गए। शहीद जसवंत सिंह के दो बेटे एवं एक बेटी है। उनका बड़ा बेटा वेदपाल सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर गुरुग्राम में तैनात है।
इस मौके पर शहीद के बड़े बेटे डीएसपी वेदपाल ने बताया कि जब वह ड्यूटी करता है तो उसे गर्व होता है कि उसके पिता ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर भारत माता की रक्षा की है।
ग्रामीणों ने गुरुग्राम से आए सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट से गांव के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल का नाम शहीद सब इंस्पेक्टर जसवंत सिंह के नाम पर रखने की मांग की है। सहायक कमांडेंट ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश सरकार को जल्द एक पत्र भेज दिया जाएगा।