प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1000 और 500 के नोट पर पाबंदी लगाने के बाद से ही लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। सबसे अधिक हड़कंप कालाधन रखने वालों में मचा है। कालाधन रखने वाले लोग किसी न किसी प्रकार से अपने रुपयों को ठिकाने लगाने के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग सरकारी विभागों में अपनी तरफ से किसी प्रकार से बकाया राशी के रूप में अपने काले धन का कुछ हिस्सा जमा करवा रहे हैं। इसका लाभ सरकारी विभागों को मिल रहा है। नोट बंदी से लेकर अब तक दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम नारनौल ने उपभोक्ताओं से दो करोड़ 51 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी की है, जोकि निगम की इतने कम समय में अब तक सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है। नारनौल नगर परिषद में भी हाउस टैक्स और दुकानों के किराए के रूप में तीन लाख चार हजार 122 रुपये जमा हुए हैं। यह राशी आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। वहीं विभागीय अधिकारी भी लोगों से बिजली, हाउस टैक्स और अन्य किसी प्रकार की बकाया राशी को बड़े नोट के रूप में जमा करवाने की अपील कर रहे हैं।
शहरी डिवीजन में हुई सबसे अधिक राशी जमा
नोट बंदी से सोमवार तक बिजली निगम दो करोड़ 51 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी की गई है। इसमें सबसे अधिक रिकवरी नारनौल डिवीजन से एक करोड़ 19 लाख 83 हजार रुपये की गई है। इसके अलावा अटेली, नांगल चौधरी और ग्रामीण डिवीजन से एक करोड़ 31 लाख 41 हजार रुपये डिफाल्टरों से वसूले हैं, जोकि निगम की अब तक ही इतने कम समय में सबसे अधिक राशी मानी जा रही है।
नगर परिषद को भी मिला लाभ
नोट बंदी का लाभ नगर परिषद में भी देखने को मिला है। पिछले तीन दिनों में शहरवासियों ने नगर परिषद का बकाया हाउस टैक्स और दुकानों का किराया जमा करवाया। इस अवधि के दौरान लोगों ने एक लाख 95 हजार 507 रुपये हाउस टैक्स के रूप में रिकवर हुए हैं। इसके अलावा एक लाख 8 हजार 615 रुपये नप से दुकानों के किराए के रूप में जमा हुए हैं।
कोट
पिछले चार दिनों में निगम ने उपभोक्ताओं से ढाई करोड़ रुपये से भी अधिक रुपये की रिकवरी की है। यह राशी उपभोक्ताओं से बकाया बिल और चोरी के रूप में किए जुर्माना की राशी में जमा करवाई है। उपभोक्ता अपने बकाया बिल व चोरी के रूप में किए गए जुर्माना की राशी 24 नवंबर तक निगम कार्यालय में पुराने 1000 व 500 के नोटों के साथ करवा सकते है। - कुलदीप अत्री, एक्सईएन बिजली निगम नारनौल