नारनौल। शहर के सार्वजनिक शौचालयों के सुधार पर करीब 15 लाख रुपये दस दिन पहले ही खर्च किए गए थे लेकिन अब फिर से देखरेख के अभाव में बदहाल हाे गए हैं।
15 लाख रुपये में शहर के लगभग 18 शौचालयों की मरम्मत करवाई गई थी। इनमें टॉयलेट सीटें, वॉशबेसिन, पानी की टंकियां, नल और फ्लश सिस्टम लगाए गए ताकि शौचालय आमजन के लिए उपयोगी रहें। परिषद ने मुख्य स्थानों के शौचालयों का सुधारीकरण किया।
इनमें टीबी अस्पताल के पास, महिला कॉलेज के नजदीक, बस स्टैंड व नागरिक अस्पताल के बाहर, पुरानी मंडी और चितवन वाटिका क्षेत्र के शौचालय प्रमुख हैं। इन शौचालयों की दशा लंबे समय से बदहाल पड़ी थी। टूटे दरवाजे, गंदगी से भरे फर्श, टूटी सीटें, बंद फ्लश सिस्टम और सूखी टंकियों के कारण ये अनुपयोगी हो चुके थे। स्थिति इतनी खराब थी कि लोग इनके उपयोग से कतराने लगे और आसपास का वातावरण बदबूदार रहता था। कई स्थानों पर शौचालय बंद होने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
हालांकि नगर परिषद ने इनका सुधार कार्य पूरा कर दिया लेकिन अभी दस दिन भी नहीं बीते कि ये शौचालय फिर से बदहाल नजर आने लगे। दरअसल टूटे दरवाजों की मरम्मत नहीं की गई और नियमित सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं हो पाई। सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से शौचालयों में गंदगी का आलम फिर से बनने लगा है। इस स्थिति से आमजन और दुकानदारों को खासी परेशानी हो रही है।
खासकर पार्क गली, पुरानी अनाज मंडी और टीबी अस्पताल के आसपास शौचालय फिर साफ-सफाई के अभाव में पहले जैसे होते जा रहे हैं। नगर परिषद को इन शौचालयों को ठीक करवाने के साथ-साथ इनकी सफाई व इनके रखरखाव पर भी ध्यान देना होगा। नप ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो और कुछ दिनों बाद 15 लाख रुपये की लागत से करवाए गए कार्य पर पानी फिर जाएगा।
वर्जन-
नगर परिषद ने 15 लाख रुपसे लागत से शौचालयों को अभी ठीक कराया है। शौचालयों के टूटे दरवाजों को ठीक करवाने का बजट नहीं था। शौचालयों में यदि फिर से गंदगी होने लगी है तो इसकी जांच कराकर सफाई करवाई जाएगी।-विकास शर्मा, जेई नगर परिषद, नारनौल।