संवाद न्यूज एजेंसी
सतनाली। हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ की ओर से गांव सतनाली में विश्व दुग्ध दिवस पर स्वच्छ एवं स्वस्थ दुग्ध उत्पादन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पशुपालकों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन के गुर बताए गए।
पशु वैज्ञानिक डॉ. ज्योति शुन्थवाल व डॉ. देवेन्द्र सिंह ने पशुपालकों को स्वच्छ दूध उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराया। वैज्ञानिक डॉ. ज्योति ने बताया कि पशु से दूध स्वच्छ एवं स्वस्थ निकलता है, लेकिन दूध निकालने वाले की अज्ञानता के कारण दूध संक्रमित हो जाता है। संक्रमित दूध जल्दी खराब हो जाता है जो दूरस्थ शहरों के उपभोक्ताओं तक ठीक से नहीं पहुंच पाता। डॉ. देवेन्द्र यादव ने बताया कि स्वच्छ दूध ही स्वस्थ दूध हैं, जिसमे पशुपालकों की महत्वपूर्ण भूमिका हैं।
दूध निकालते समय दूध में संक्रमण पशु के शरीर से होता है इसलिए पशु की प्रतिदिन सफाई करनी चाहिए ताकि धूल, मिट्टी, टूटे हुए बाल व गोबर दूध को खराब न करें। दूध निकालने से पहले व बाद में कीटाणु रोधी दवाई के घोल में थनों को डुबोए, शुष्क हाथों से दूध निकालें, अंगूठा बाहर करके बंद मुट्ठी से ही दूध निकालें। दूध की पहली कुछ बूंदों को अलग बर्तन में निकालें लेकिन फर्श पर कभी न डालें।