दो वर्ष पूर्व लॉकडाउन के कारण बंद की गई महेंद्रगढ़ स्टेशन से गुजरने वाली छह पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू करने की मांग को लेकर दैनिक रेलयात्री महासंघ द्वारा 11 मई से रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार को सौंपे ज्ञापन में प्रधानमंत्री व रेलमंत्री सहित सांसदों व रेलवे के उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर 10 मई तक ट्रेनों के संचालन की मांग की है।
महासंघ द्वारा गत दो वर्षों में प्रधानमंत्री रेलमंत्री, रेलवे बोर्ड चेयरमैन, दिल्ली व जयपुर रेलवे जोन के उच्चाधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री, सांसदों व विधायकों से पत्र भेजकर 30 बार गुहार लगाई गई है। लेकिन छह पैसेंजर ट्रेनों का संचालन महेंद्रगढ़ के आदर्श रेलवे स्टेशन से अभी तक नहीं हो पाया है।
मार्च 2020 में प्रथम लॉकडाउन में हुई थी बंद
रविवार को दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा की अध्यक्षता में सौंपे ज्ञापन के माध्यम से रेलवे के उच्चाधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि 11 मई तक पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ तो महेंद्रगढ़ स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। मार्च 2020 के प्रथम लॉकडाउन के दौरान महेंद्रगढ़ स्टेशन से गुजरने वाली दिल्ली-हिसार, हिसार-दिल्ली, रेवाड़ी-हिसार, हिसार-रेवाड़ी, सीकर-रेवाड़ी, रेवाड़ी-सीकर इन छह ट्रेनों को बंद कर दिया गया था।
क्षेत्र के लोग रेलवे सेवाओं से हो रहे वंचित
दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा ने बताया कि दिल्ली व जयपुर जोन के उच्चाधिकारियों की तानशाही व हठधर्मिता के चलते क्षेत्र के लोग रेलवे सेवाओं से वंचित हैं। देशभर में लॉक डाउन के दौरान बंद की गई अधिकांश रेल सेवाओं को शुरू किया जा चुका है लेकिन रेलवे के उच्चाधिकारियों की अनदेखी के चलते क्षेत्र के लोगों को रेलवे सेवाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। महेंद्रगढ़ से दिन के समय गुरुग्राम, दिल्ली जैसे शहरों के लिए कोई भी पैसेंजर गाड़ी नहीं है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में दैनिक रेलयात्री, आम आदमी, विद्यार्थी, व्यापारी निजी वाहनों में हजारों रुपये खर्च कर यात्रा को मजबूर हो रहे हैं। लेकिन अधिकारियों को क्षेत्र के लोगों की समस्याएं दिखाई नहीं दे रही हैं। रामनिवास पाटोदा ने कहा कि संघ को आशंका है कि रेलवे के उच्चाधिकारी निजी वाहन संचालकों से सांठगांठ करके ट्रेनों का संचालन नहीं कर रहे हैं।
अल सुबह व रात को महज एक घंटे में गुजरती हैं आठ गाड़ियां
दैनिक रेलयात्री महासंघ के सदस्यों ने बताया कि अल सुबह महज एक घंटे के दौरान दिल्ली के लिए अल सुबह 2.33 बजे से 4 बजे तक करीब डेढ़ घंटे के दौरान ही सैनिक एक्सप्रैस, जोधपुर-दिल्ली, बीकानेर-दिल्ली व श्रीगंगानगर-दिल्ली चार गाड़ियां गुजर जाती हैं। जबकि रात के समय दिल्ली-रेवाड़ी से 12.30 से लेकर 1.40 बजे महज एक घंटे दस मिनट के समय के दौरान पांच गाड़ियां गुजर जाती हैं। ऐसे में लोगों ने दिनभर रेलवे की सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता। यदि इन गाड़ियों के समय में एक-दो घंटे का अंतर रख दिया जाए तो दक्षिण हरियाणा व राजस्थान के लोगों के साथ-साथ रेलवे को भी राजस्व के रूप में लाभ मिलेगा।