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प्रशासन ने 60 प्रतिशत टिड्डियों को मारा

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दवा से मरी पड़ी टिड्डियां। - फोटो : Narnol
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गत शाम राजस्थान की ओर से आए टिड्डी दल महेंद्रगढ़ जिले के खंड निजामपुर के आसपास के गांवों में पहुंचा गया था। रात में भी टिड्डियों का दल गांव में रुक गया। ऐसे में रात में अधिकारियों आपरेशन बेयर फुट चलाया जिसमें मशीन से दवा का छिड़काव कराया। यह शुक्रवार को सुबह नारनौल से अटेली होते हुए रेवाड़ी की सीमा में प्रवेश कर गया। दूसरी ओर शाम को सतनाली क्षेत्र में दूसरे टिड्डी दल ने हमला कर दिया। वहीं उपायुक्त आरके सिंह रात को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अधिकारियों से टिड्डी दल के बारे में जानकारी लेते रहे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
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डीसी ने कहा कि टिड्डी दल की जानकारी के लिए एक अलग से ग्रुप बनाया गया है। ग्रुप के माध्यम से टिड्डी दल की जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। कृषि उपनिदेशक जसविंद्र सिंह ने बताया कि यह टिड्डी दल गतदिवस राजस्थान के झुंझनुुं जिला से खंड निजामपुर के पाचनौता में प्रवेश किया। इसके बाद यह दल टिड्डी दल मुसनौता, नांगल दर्गू, नियाजअलीपुर, रोपड़ सराय, गांवड़ी जाट, नारेहड़ी व आसपास के गांवों के उपर से मंडराता रहा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन व किसानों के कारण खेतों में कोई नुकसान नहीं हुआ। किसानों ने अपने खेतों में ड्रम, थाली, खाली पीपा व तसला आदि लेकर खेतों में मुस्तैद रहे। उन्होंने बताया कि रात 8.30 बजे गांव छिलरो व पवेरा में टिड्डी दल ने पड़ाव डाल दिया। इसके बाद टिड्डी दल को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों ने मिलकर आपरेशन चलाया। इस अभियान को आपरेशन बेयर फुट का नाम दिया गया। उन्होंने बताया कि दवाई छिड़काव का अभियान भोर तीन बजे शुरू किया गया। चार फायर ब्रिगेड गाड़ियों व 14 ट्रैक्टर माउंटिड स्प्रे पंप की मदद से 185 लीटर क्लोरपायरीफॉस दवाई का छिड़काव कर लगभग 60 प्रतिशत टिड्डी दल को नष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि रात को हवा की गति तेज होने के कारण सभी टिड्डी नहीं मर पाई। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि जिला प्रशासन, एसडीएम मनीष फौगाट, नारनौल व निजामपुर बीडीपीओ, फायर आफिसर, कृषि विभाग के अधिकारी व किसानों के सहयोग से टिड्डी दल को नष्ट किया। वहीं शुक्रवार को लगभग 11 बजे टिड्डी दल नारनौल में प्रवेश कर दिया। यह टिड्डी दल गांव गहली, मंडलाना, पटीकरा, सुराना, सुरानी, छापड़ा, नीरपुर में फसलों पर बैठ गया। लेकिन, किसानों की मुस्तैदी के चलते लोगों ने खेतों में थाली बजाकर व शोर मचाकर फसलों को नुकसान से बचा लिया।
टिड्डी दल ने का पांचवी बार अटेली क्षेत्र में आया
मंडी अटेली। अटेली खंड के गांवों में शुक्रवार फिर टिड्डी दल खेतों के ऊपर मंडराते हुए देखा गया। अटेली क्षेत्र में पिछले एक माह के अंतराल में पांच बार टिड्डियों के आने से किसानों में फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है। जिन गांवों से टिड्डी दल गुजरा था उन क्षेत्र में कुछ टिड्डी बिछुड़ने से खेतों में शुक्रवार को देखी गई। हालांकि टिड्डी दल ज्यादा बड़ा आकार को तो नहीं था। फिर भी टिड्डी दल नारनौल की ओर से सराय, सुराणी, मिर्जापुर, बाछौद, भीलवाड़ा, कुंजपरा, खोड़, उनिंदा, धनौंदा, अटेली, बेगपुर, बोचडिय़ा होते हुए गणियार से मांढ़ण राजस्थान में प्रवेश कर गई। किसान अपने स्तर पर अटेली क्षेत्र में टिड्डी दल को फगाने में मुस्तैद दिखाई दिये
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