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Mahendragarh-Narnaul News: म्यांमार में जालसाजी का शिकार बने 3 युवक, झेली प्रताड़ना, दूतावास की मदद से लौटे घर

Tue, 25 Nov 2025 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। सतनाली के ढाणा गांव के आकाश, दीपक और राहुल अच्छी नौकरी की चाह में बैंकॉक गए। वहां से एजेंट उन्हें म्यांमार ले गए। आरोप है कि म्यांमार में तीनों को बंधक बनाकर रखा गया। प्रताड़ित किया गया। उनसे ठगी कराई गई। किसी तरह दूतावास की मदद से छह नवंबर को वे स्वदेश लौटे। अब पुलिस ने आकाश की शिकायत पर भिवानी के बड़वा निवासी एजेंट सोनू, उसके भाई जितेंद्र और दीपक की शिकायत पर हिसार के गांव हरीता निवासी संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है।
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ढाणा गांव के दीपक ने पुलिस एफआईआर में कहा है कि मार्च 2025 में उनके गांव का युवक आकाश नौकरी के लिए विदेश गया था। गांव का राहुल और वह भी आकाश की तरह विदेश जाना चाहते थे।
जुलाई 2025 में वे हिसार के गांव हरीता निवासी संदीप के संपर्क में आए। संदीप ने बताया कि वह बैंकॉक (थाइलैंड) में करीब एक वर्ष से नौकरी कर रहा है। कंपनी में एचआर का काम देखता है। संदीप ने कहा अगर कंप्यूटर का काम आता है और अंग्रेजी का ज्ञान है तो वह उनकी नौकरी लगा देगा। संदीप ने झांसा दिया कि रहना खाना, बुलाने का खर्च कंपनी देगी। हर माह 50 हजार से अधिक वेतन मिलेगा।
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टेलीग्राम पर लिया साक्षात्कार, भेजा फर्जी टिकट
आरोपी संदीप टेलीग्राम अकाउंट पर दीपक और राहुल से संपर्क करता था। उसने दोनों से पासपोर्ट फोटो, आधार की कॉपी मांगी। इसके बाद टेलीग्राम पर ही दोनों का वीडियो साक्षात्कार करवाया। तीन अगस्त को टिकट भेजा। जब दीपक और राहुल दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो टिकट रद्द होने का मैसेज आ गया। फोन करने पर संदीप ने कहा, अभी टिकट के पैसे तुम्हें देने हैं। इस पर दोनों ने टिकट के लिए 10 हजार रुपये आरोपी के खाते में भेजे।
दिल्ली से पहुंचे बैंकाॅक, फिर पहाड़ों से होते हुए म्यांमार
दीपक और राहुल तीन अगस्त को बैंकाॅक पहुंचे। वहां एयरपोर्ट के बाहर पार्किंग में उन्हें पांच अन्य भारतीय लड़के भी मिले। फिर सभी लड़कों को दो सुजूकी कैंपरों में बैठाकर 4-5 घंटे सफर के बाद एक होटल में ले गए। इसके बाद पहाड़ी के रास्ते से होकर फिर लगभग आठ से दस किलोमीटर पैदल सफर कर म्यांमार पहुंचे।
धमकी देकर बनाया बंधक, मांगे 5 लाख रुपये
म्यांमार में दीपक और राहुल को संदीप मिला। वहां कंपनी के कुछ चीनी मालिक भी मिले। उन्होंने साक्षात्कार लिया। सभी के फोटो लेकर कमरों पर छोड़ दिया। एक कमरे में 8-8 लड़के रहते थे। इसके बाद बंधक बनाकर जबरन ठगी का काम कराया। आरोपियों ने उन्हें करीब 65000 रुपये वेतन देने का झांसा दिया। बाद में बहाने बनाकर वेतन भी नहीं दिया। बताया कि वहां 500 से ज्यादा युवक-युवतियां काम करते थे। वहां पहले काम सिखाया फिर अलग कंप्यूटर देकर अलग-अलग सरनेम सर्च कर उनके लिंक एकत्रित करने का काम दिया गया। आरोप है कि जब उन्होंने ठगी का काम करने से मना किया तो मारपीट की गई। आरोपी संदीप ने धमकी दी कि घर जाना है तो पांच लाख रुपये देने होंगे।



22 अक्तूबर को भारतीय दूतावास को ईमेल पर की शिकायत
दीपक, राहुल ने ईमेल के जरिए 22 अक्तूबर को भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद दीपक, राहुल व आकाश तीनों 23 अक्तूबर को नदी पार कर म्यांमार बाॅर्डर क्रॉस कर थाइलैंड पहुंचे। वहां अलग-अलग देशों के काफी लड़के थे। सभी को ट्रकों में बैठाकर फौज टाक नाम की जगह कैंप में ले जाया गया। यहां से छह नवंबर को भारतीय सेना हिंडन एयरपोर्ट गाजियाबाद लेकर पहुंची।
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