फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नपा की बैठक में तीन पार्षदों को शामिल करने के लिए ढाई घंटे चली बहस

विज्ञापन
कोर्ट के बाहर वकील के साथ खड़े वार्ड पार्षद। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
नगरपालिका की बैठक में शामिल होने की अनुमति लेकर पार्षदों की ओर से डाली गई याचिका पर न्यायाधीश ज्योति मेहरा की अदालत में करीब ढाई घंटे तक बहस हुई। अदालत का फैसला आने से पहले बैठक हंगामा होने के कारण स्थगित हो चुकी थी। बैठक स्थगित होने के बाद चेयरपर्सन रीना गर्ग ने अदालत पहुंचकर तीनों पार्षदों पर कई आरोप लगाए। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी। चेयरपर्सन की ओर से अधिवक्ता रणबीर सिंह, पार्षदों की ओर से अधिवक्ता करण सिंह तथा नपा सचिव की ओर से अधिवक्ता विकास गोयल ने केस की पैरवी की।
विज्ञापन

नपा बैठक को लेकर तीन पार्षदों को एजेंडा नहीं भेजा गया था। जिस पर पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना व कमलेश तायल ने सिविल जज जूनियर ज्योति मेहरा की अदालत में याचिका दायर की थी। इस केस पर 6 जनवरी को सुनवाई नहीं हो सकी थी। सुबह 10.20 बजे सुनवाई शुरू हुई तो चेयरपर्सन का अधिवक्ता नहीं पहुंच सका। इसके बाद 11 बजे दोबारा से कार्रवाई शुरू हुई। पार्षद पक्ष के अधिवक्ता करण सिंह राठौड़ ने कहा कि पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना तथा कमलेश तायल तीनों पार्षद हैं, लेकिन मंगलवार की बैठक को लेकर इन पार्षदों को मीटिंग का एजेंडा नहीं भेजा गया। सचिव ने पहले की दो मीटिंग में इन पार्षदों को एजेंडा भेजा था। चेयरपर्सन के अधिवक्ता रणबीर सिंह ने कहा कि इन तीनों पार्षदों पर हाईकोर्ट डबल बेंच में केस चल रहा है। इसलिए तीनों नपा पार्षद मीटिंग में शामिल नहीं किए जा सकते। इसके बाद चेयरपर्सन रीना गर्ग 12 बजे कोर्ट में पेश र्हुईं। उनके अधिवक्ता रणबीर सिंह ने न्यायाधीश को केस में ताजा हालात की जानकारी दी। अधिवक्ता रणबीर सिंह ने अदालत में कहा कि चेयरपर्सन रीना गर्ग के साथ पार्षदों ने बदतमीजी की तथा जबरदस्ती मीटिंग में शामिल हुए। न्यायाधीश ने इस संबंध में पार्षदों एवं सचिव को मौके पर रजिस्टर के साथ हाजिर होने के लिए आदेश जारी किए। न्यायाधीश ने कोर्ट का रजिस्टर देखा तो उसमें तीनों के हस्ताक्षर थे। न्यायाधीश ने पार्षदों के अधिवक्ता करण सिंह से पूछा कि मीटिंग में शामिल होने के लिए आपने याचिका डाली थी, लेकिन मंगलवार को मीटिंग में शामिल हो गए हैं। अब आगे कार्रवाई का औचित्य क्या रह गया। अधिवक्ता करण सिंह ने कहा कि मीटिंग पूरी नहीं हुई है, मीटिंग स्थगित हुई है। भविष्य के लिए भी उनको मीटिंग में जाने से नहीं रोका जाए।
ये रहा घटनाक्रम
10:20 बजे कोर्ट में सुनवाई शुरू।
10:35 बजे चेयरपर्सन के अधिवक्ता रणबीर सिंह के पेश न होने पर उनके जूनियर ने 25 मिनट का समय मांगा।
11:00 बजे दोबारा से बहस शुरू हुई।
11:20 बजे पार्षदों के पास उपायुक्त का लेटर पहुंचा।
12:01 बजे नपा चेयरपर्सन कोर्ट पहुंची।
12:10 पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता को याचिकाकर्ता को पेश होने के लिए पांच मिनट का समय दिया।
12:15 याचिकाकर्ताओं के पेश होने के बाद दोबारा बहस शुरू हुई।
12:50 पर न्यायाधीश ने अगली मामले में अगली तारीख 17 फरवरी दी।
तीनों पार्षदों की सदस्यता को लेकर हाईकोर्ट डबल बेंच में केस चल रहा है। अभी यह निर्णय नहीं आया है कि ये पार्षद हैं या नहीं। ऐसे स्थिति में यह कोर्ट इस मामले में जूनियर कोर्ट कोई फैसला लेने में सक्षम नहीं हैं। कोर्ट ने उनको मीटिंग में शामिल होने के लिए कोई लाभ नहीं दिया है।
विज्ञापन

- रणबीर सिंह अधिवक्ता, प्रधान नपा चेयरपर्सन।
याचिका कर्ताओं ने मीटिंग में शामिल करने के लिए डीसी को भी शिकायत दी थी। मैंने सचिव की ओर से उनका पक्ष रखा। तीनों पार्षदों की सदस्यता का केस हाईकोर्ट में केस चल रहा है, जिसका निर्णय अभी आना है।
-विकास गोयल, अधिवक्ता सचिव।
डीसी के आदेश पर सचिव ने तीनों पार्षदों को बैठक में शामिल कर लिया था। बाद में सचिव ने कोर्ट में पेश होकर हालात के बारे में जानकारी दी। 17 फरवरी को अगली तारीख लगाई है, जिसमें नपा चेयरपर्सन, सचिव तथा उपायुक्त को जवाब देना है।
- करण सिंह राठौड़, अधिवक्ता, याचिकाकर्ता।
- सात जनवरी की बैठक में शामिल होने को लेकर महेंद्रगढ़ कोर्ट में गुहार लगाई थी। हमने उपायुक्त महोदय के पास बैठक में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था। जिस पर उपायुक्त ने तीनों पार्षदों को बैठक में शामिल होने के लिए सचिव को आदेश दे दिए थे। हमारी सदस्यता को लेकर किसी कोर्ट में केस नहीं चल रहा। केस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चल रहा है।
विज्ञापन

-अमित मिश्रा, याचिकाकर्ता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें