तीनों पार्षदों का नगर पालिका की बैठक में शामिल होनेे का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय ने 19 फरवरी नरेंद्र खन्ना द्वारा डाली गई याचिका की सुनवाई करते हुए तीनों पार्षदों को बैठक में शामिल करने का फैसला सुनाया है। भविष्य में नगर पालिका की होने वाली सभी बैठकों में तीनों पार्षद शामिल होंगे।
पार्षदों के अधिवक्ता दीपक जिंदल ने बताया कि 18 फरवरी को नरेंद्र खन्ना एवं अन्य ने हरियाणा सरकार एवं अन्य के खिलाफ न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत में नपा की बैठक में शामिल करने को लेकर डाली थी। नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल, अमित मिश्रा ने हरियाणा सरकार के अलावा अन्य में स्थानीय शहर निकाय विभाग के निदेशक, उपायुक्त, सचिव और नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग को पार्टी बना गया था। अधिवक्ता ने बताया कि नपा चेयरपर्सन ने 7 जनवरी और 17 फरवरी को बैठक बुलाई थी। इन दोनों बैठकों में उक्त पार्षदों को नहीं बुलाया गया था। जबकि उनकी सदस्यता पर कोई रोक नहीं है, केवल अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर रोक लगी है। इन पार्षदों को बैठक में शामिल किए जाने के लिए कोर्ट में 18 फरवरी को याचिका दायर की थी। 19 फरवरी को न्यायाधीश ने 1991 में अंबाला जिले का कीर्ति प्रसाद जैन बनाम हरियाणा का हवाला देकर तीनों पार्षदों बैठक में शामिल होने का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने बताया कि 1991 के बाद इस आदेश को अभी बदला नहीं गया है। इसलिए नपा की होने वाली सभी बैठकों में तीनों पार्षद भाग ले सकेंगे।
तीनों पार्षद के नपा की बैठक में शामिल किए जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। कोर्ट ने पार्षदों के हक में फैसला सुनाया है। अब तीनों पार्षद नपा की भविष्य में होने वाली सभी बैठकों में भाग ले सकेंगे।
- दीपक जिंदल, अधिवक्ता, नपा पार्षद।
पहले भी हम बता रहे हैं कि हमारी सदस्यता पर किसी तरह की रोक नहीं है। नपा चेयरपर्सन जिद्द के कारण हमें बैठकों में नहीं बुलातीं इसलिए हमें न्यायालय का सहारा लेना पड़ा। न्यायालय ने हमारे हक में फैसला दिया है। एक बार फिर सत्य की जीत हुई है।
- नरेंद्र खन्ना और अमित मिश्रा, पार्षद
मेरे पास अभी ऑर्डर की कॉपी नहीं आई। कॉपी आने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। वैसे हाईकोर्ट का जो भी आदेश उसका पालन किया जाएगा।
- रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।