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महिलाओं का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए सोच बदलना होगा : अंजू कुमारी

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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिलास्तरीय पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एक दिन के लिए बनी मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अंजू कुमारी व विशिष्ठ अतिथि नगर परिषद चेयरपर्सन भारती सैनी मौजूद रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य निहाल सिंह ने की। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी ने कहा कि समाज में स्त्री की भूमिका सदा से ही महत्वपूर्ण रही है। समाज में महिलाओं का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए समाज की सोच को बदलना होगा। उन्होंने छात्राओं से कहा कि मेहनत से पढ़कर समाज में अपने माता-पिता का ही नहीं अपितु समाज में महिलाओं का सम्मान भी बढ़ाती हैं। उन्होंने महिलाओं के सम्मान एवं समानता के रूप में सहयोग करने के लिए आह्वान किया। नगर परिषद चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा चलाया जा रहा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करके देश को आगे बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही स्वच्छ भारत-स्वस्थ हरियाणा एवं स्वच्छ विद्यालय अभियान में भी बेटियां सहयोग करें। अधिवक्ता गिरीबाल ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत भारत वर्ष की बेटी शिक्षित हो कर हर क्षेत्र में अपनी शक्ति का परचम लहरा रही है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विजेंद्र सिंह श्योराण ने कहा कि महिला दिवस पर हमारा यह उद्देश्य है कि देश की हर बेटी सुरक्षित हो और बेटियों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। डीओसी रमेश कुमार ने बताया कि आज समाज में फैल रही दहेज प्रथा जैसी बुराई को दूर करने में छात्राएं निर्णय लें कि हम अपने परिवार में किसी भी शादी में दहेज लेने व देने से दूर रहने के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। मंच का संचालन डीओसी टेकचंद यादव ने किया।
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अंजू बोली-यह दिन हमेशा याद रहेगा
नारनौल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को कौथल कलां की अंजू कुमारी ने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी की कुर्सी संभाली। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कौस्तुभ विराट ने प्रशिक्षण के बाद उन्हें एक दिन के लिए कुर्सी सौंपी। खास बात ये रही कि कुर्सी संभालने से पहले उन्होंने बाकायदा विभिन्न विभागों में चार-पांच दिन तक सीएमजीजीए के साथ भ्रमण करके सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को समझा।
कुर्सी संभालने के बाद अंजू ने कहा कि यह अनुभव मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा है। मुझे जिंदगीभर यह याद रहेगा। पिछले चार-पांच दिन से वे लगातार कार्यालयों में जाकर काम को समझ रही हैं। पढ़ाई के अलावा इस तरह कार्यालयों का कोई अनुभव नहीं था। सौभाग्य की बात है कि मुझे जिला प्रशासन ने यह मौका दिया। अंजू ने बताया कि भले ही इस तरह कुर्सी संभालने का मौका तो सबको नहीं मिल सकता। लड़कियों को सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली समझने के लिए भ्रमण जरूर करवाया जाना चाहिए। इस तरह का अनुभव जीवनभर काम आता है। अंजू बीटेक प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रही है।
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