जिले के चार मेधावियों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास की है। इससे जिले में खुशी का माहौल है। पिछले वर्ष भी जिले के सात युवाआें ने यूपीएससी परीक्षा को पास कर क्षेत्र का मान बढ़ाया था।
इंप्लाइज कालोनी निवासी चिकित्सक दीपक यादव (28) ने दूसरे प्रयास में 719वीं रैंक के साथ आईएएस की परीक्षा पास की है। दीपक ने यह परीक्षा मेडिकल विषय में उत्तीर्ण की। दीपक का कहना है कि बचपन से ही उसका सपना देश सेवा करने का था। हालांकि उन्हें इस बात का मलाल जरूर है कि उनका आईएएस या आईपीएस में चयन नहीं हो पाएगा। उन्हें खुशी है कि शायद आईआरएस मिल जाए।
उन्हाेंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिला पिछड़ा जिला जरूर है, मगर यहां के युवा अब जागरूक हो गए हैं। युवा विभिन्न परीक्षाआें में पास होकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्हाेंने युवाओं अपील की कि वे फालतू कार्यों में अपना समय न गंवाए और पूरी मेहनत और लग्न से पढ़ाई करें। दीपक ने बताया कि पहले एमबीबीएस पास की उसके बाद आईएएस लक्ष्य बनाया। इसके बाद ही उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा दी।
उन्होंने कहा कि कई युवा परीक्षा से घबरा जाते हैं, घबराना नहीं चाहिए और पूरे विश्वास के साथ तैयारी करें। उन्हाेंने परीक्षा को पास करने का श्रेय अपने पिता और शिक्षा विभाग के उपनिदेशक मूलचंद यादव, माता ईश्वरी देवी, भाई नरेंद्र यादव और डा. रितेष यादव को दिया।
वहीं जिले के गांव गहली निवासी विकास जाखड़ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में 637वीं रैंक हासिल की है। गहली निवासी घीसाराम जाखड़ के पौत्र और डा. प्रेम कुमार जाखड़ के पुत्र विकास जाखड़ ने 22 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में सफलता पाई है। गांव गहली में भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहली बार किसी युवा के इस तरह की सफलता प्राप्त करने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
विकास के ताऊ जगदेव जाखड़ ने बताया कि शुरू से ही वह पढ़ाई में अव्वल रहा है तथा आईआईटी रुड़की में भी प्रथम प्रयास में ही दाखिल प्राप्त करने में सफल रहे थे। पिछले एक वर्ष से वह दिल्ली स्थित एक कोचिंग सेंटर में अध्ययन कर रहा था। गांव के निवासी सतबीर सिंह बढ़ेसरा, जोगेंद्र सिंह, जगरूप सिंह, महीपाल सिंह, प्यारेलाल शर्मा, पप्पू व राजपाल पीटीआई आदि ने विकास को इस सफलता पर बधाई दी। वहीं जिले के इंद्रजीत यादव ने भी 712वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।