नारनौल। हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य सुमन राणा ने वीरवार को नागरिक अस्पताल नारनौल में विशेष नवजात देखभाल इकाई और वार्डों का निरीक्षण किया।
उन्होंने मरीज से अस्पताल में दी जा रही सेवाओं के बारे में पूछा। जब आयोग की सदस्य सुमन राणा निरीक्षण के दौरान प्रसव वार्ड पहुंची। वार्ड (करीब 50 बिस्तर) में भर्ती महिलाओं ने कहा कि सब तो ठीक है, लेकिन यहां भारी उमस और गर्मी के कारण उनका व बच्चों की हालत दयनीय है। वार्ड में सिर्फ एक ही कूलर जो नाकाफी है। गर्मी से बचाव के लिए कूलर व पंखे भी लाए थे, जिसे अस्पताल प्रशासन ने हटवा दिया।
महिलाओं ने उमस भरी गर्मी से बचाव का प्रबंधन करवाने की मांग रखी। इस पर आयोग की सदस्य सुमन राणा ने सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार और एमएस डॉ. आशा शर्मा को इस उमस भरी गर्मी से महिलाओं व बच्चों को निजात दिलाने के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार नवजात बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर इंतजाम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने सभी जिला अस्पतालों में विशेष नवजात देखभाल इकाइयां (एसएनसीयू) स्थापित की है। इन इकाइयों में फोटो थेरेपी यूनिट, इनक्यूबेटर, रेडिएंट वार्मर, माइक्रो-अल्ट्रा केयर यूनिट, मल्टी पैरा मॉनिटर, ऑक्सीजन वितरण उपकरण आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने ने कहा कि सरकार ने जननी सुरक्षा योजना और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम चलाए हैं। प्रसव से संबंधित सारा खर्च सरकार वहन करती है, जिसमें आवश्यक दवाएं, खाना और जरूरत पड़ने पर खून भी मुफ्त मिलता है। इस मौके पर आयोग की सदस्य ने निक्कू वार्ड, प्रसूति वार्ड, सामान्य वार्ड, वरिष्ठ नागरिक ओपीडी वार्ड, पोषण पुनर्वास केंद्र आदि का भी निरीक्षण किया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. विजय यादव, नोडल अधिकारी आरबीएस डॉ. विनय, नोडल अधिकारी बिल्डिंग डॉ. दिनेश, नोडल अधिकारी चाइल्ड केयर डॉ. नरेंद्र, डीसीपीओ संदीप कुमार, राजकुमार कोठारी, बाल कल्याण समिति सदस्य राजेश गोयल आदि मौजूद थे।