नारनौल। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला इकाई की बैठक हुई। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र ने की। बैठक के बाद सभी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से बच्चों की फीस जमा करने के लाले पड़ गए हैं।
सिविल सर्जन के फील्ड दौरे पर होने के कारण उप सिविल सर्जन एनएचएम डॉ. जगमोहन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें वेतन न मिलने के कारण आंदोलन की चेतावनी दी गई। जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि हरियाणा प्रांत में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत सभी कर्मचारियों का चार माह से वेतन रोका गया है।
बैठक में बताया गया कि संघ की दो अगस्त की ऑनलाइन बैठक में निर्णय लिया गया था कि यदि रक्षाबंधन तक वेतन जारी नहीं किया गया तो 9 अगस्त को सभी कर्मचारी काले रंग की राखी बहनों से बंधवाएंगे और जिला स्तर पर सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 11 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक प्रत्येक जिले के सिविल सर्जन कार्यालय पर निरंतर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला मंत्री विनोद राव ने बताया कि प्रत्येक तिमाही के पहले माह के पहले सप्ताह में कर्मचारियों को अपने बच्चों के शैक्षणिक संस्थानों की भारी-भरकम फीस जमा करवानी होती है, लेकिन वित्त विभाग के उच्च अधिकारियों की लापरवाही के कारण कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है, जिससे कर्मचारियों के घरों में आंतरिक कलह का माहौल बढ़ गया है।
जिला उपाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि मार्च माह से ही वेतन भुगतान में परेशानी दी जा रही है। राज्य मुख्यालय द्वारा बार-बार एसएनए स्पर्श पोर्टल का हवाला दिया जाता है, जबकि कर्मचारियों का वेतन स्टेट बजट हेड से एनईएफटी के माध्यम से होता है। स्पर्श पोर्टल का स्टेट बजट एनईएफटी से कोई संबंध नहीं है, केवल बहाना बनाकर कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला संयोजक संदीप यादव, संजू, प्रेम प्रकाश, जितेंद्र यादव, टिका थापा बहादुर, सुनीता यादव, मीरा यादव, ज्योत्स्ना, बिंदु कुमारी, नीतू कुमारी, मीना देवी, हेमलता, रिंकू देवी, ऋषिपाल गोठवाल आदि उपस्थित रहे।