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आढ़तियों की मांनी मांग, पुरानी अनाज मंडी में ही होगी सरसों की खरीद

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भूख हड़ताल पर बैठे आढ़ती को जूस पिलाते सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव। ? - फोटो : Narnol
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पुरानी अनाज मंडी में रबी फसल की खरीद करवाने की मांग को लेकर पिछले दो सप्ताह से धरने व भूख हड़ताल पर बैठे आढ़तियों की मांग आखिर सरकार ने मान ली है। इसकी जानकारी रविवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने आढ़तियों के धरनास्थल पर पहुंचकर दी और जूस पिलाकर उनकी हड़ताल को समाप्त करवाया।
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उन्होंने आढ़तियों को बताया कि उनकी मांग सरकार ने मान ली है। अगले सप्ताह से पुरानी मंडी में खरीद को लेकर पत्राचार हो जाएगा। इस पर आढ़तियों ने राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव का आभार जताया। वहीं मंडी की अन्य समस्याओं से भी राज्यमंत्री को अवगत करवाया। इस पर राज्यमंत्री ने समस्याओं का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
बता दें कि सरकार के निर्देशानुसार मार्केट कमेटी ने जनवरी में पत्र जारी कर नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी को नोटिफाइड कर दिया है, जबकि पुरानी अनाज मंडी को डी नोटिफाइड करते हुए यहां कृषि संबंधित किसी भी प्रकार खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। वहीं मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड में आढ़तियों को 2014 में नई अनाज मंडी में दुकान व प्लांट दिए गए थे। उस समय आढ़तियों ने दुुकान व प्लांट के लिए लाखों रुपये की राशि धरोहर के रूप में जमा भी करवा दी थी, मगर आठ साल से नई अनाज मंडी में दुकानों की प्राइज राशि अधिक बताते हुए वहां जाने से आनाकानी करते रहे हैं। अब जब सरकार ने नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी को नोटिफाइड करते हुए पुरानी अनाज मंडी को डी नोटिफाइड कर रबी फसल की खरीद नहीं करवाने के निर्देश दिए है तो आढ़ती सरकार से शुरुआत की प्राइज राशि में दुकान अलॉट करने तथा दुकान अलॉट होने तक खरीद पुरानी अनाज मंडी में करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे।
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पुरानी निर्धारित राशि में दुकानें अलॉट करने तथा दुकान अलॉट होने तक पुरानी अनाज मंडी में ही सरकारी खरीद करने की मांग को लेकर आढ़ती पिछले दो सप्ताह से धरने पर बैठे है। रविवार को आढ़तियों के धरने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री पहुंचे। इस बारे में राज्यमंत्री ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि सरकार तक उनकी मांग पहुंचाई जा चुकी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री को पत्र भी लिखा है। जिसमें नई अनाज मंडी में सभी दुकानें अलॉट होने तक आगामी एक साल के लिए पुरानी अनाज मंडी को नोटिफाइड करने की बात कही है। इस सप्ताह इसका आदेश जारी हो जाएगा। इस पर धरने व भूख हड़ताल पर बैठे आढ़तियों ने राज्यमंत्री का आभार जताया। इसके बाद राज्यमंत्री ने भूख हड़ताल पर बैठे आढ़तियों को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त करवाई।
पुरानी अनाज मंडी में किसानों को होगी परेशानी
सरकार अगर पुरानी अनाज मंडी में सरसों खरीद का कार्य शुरू करवा देती है तो जरूर आढ़तियों को फायदा होगा। मगर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि पुरानी अनाज मंडी, नई अनाज मंडी के मुकाबले काफी छोटी व सिकुड़ी हुई है। इसके अलावा यह शहर के अंदर है। जिससे इस मार्ग पर वाहनों को आवागमन अधिक रहता है। ऐसे में किसानों को अपने वाहनों को मंडी तक ले जाने में भी परेशान का सामना करना पड़ सकता है। वहीं इस बार जिले में कुल 2 लाख 70 हजार एकड़ में सरसों की बिजाई गई है। ऐसे में सरसों की बंपर पैदावार होने की संभावना है। इससे मंडी में किसानों की भीड़भाड़ रहने वाली है। पुरानी मंडी में किसानों के बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है तो बारिश आदि से बचाने के लिए उक्त मंडी कोई टीनशेड भी नहीं बनाया गया है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ेगी।
नई अनाज मंडी में सभी दुकानें अलॉट होने तक पुरानी अनाज मंडी में खरीद के लिए सरकार को लिखा गया है। आगामी 3-4 दिन में विभागीय आदेश आ जाएगा। मार्केट कमेटी सचिव को भी आगामी आदेश आने तक आढ़तियों को परेशान न करने की हिदायत दी गई है। -ओमप्रकाश यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री, हरियाणा सरकार।
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