फोटो नंबर-05नारनौल के रेवाड़ी रोड स्थित एक गार्डन में प्रवचन करते गीता मनीषी ज्ञानानंद महा
नारनौल। भारत भूमि ऋषि मुनियों का देश है। हम सब सनातन धर्म का अनुसरण करने वाले लोग हैं। हम हर कष्ट को सहन करना जानते हैं, लेकिन कोई सहनशीलता का फायदा उठाकर बिना कारण सिंदूर उजाड़ेगा तो फिर सिंदूर भी अपना काम करेगा।
यह बातें रेवाड़ी रोड स्थित एक निजी मैरिज पैलेस में श्रीकृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार द्वारा आयोजित सत्संग कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कही। आचार्य क्रांति निर्मल और पंडित देवकीनंदन ने अतिथियों से गीता पूजन करवाया।
स्वामी ने बताया कि इस समय भारत व पाकिस्तान के बीच काफी तनाव चल रहा है। हम कभी आगे चलकर युद्ध नहीं करते और सदा विश्व शांति की कामना करते हैं।
यदि कोई कौरवों की तरह अंहकार में आकर किसी की भी नहीं मानें तो फिर उसे सबक सिखाना भी हम जानते हैं। स्वामी ने सत्संग में लोगों से भारत माता के जयकारे लगाते हुए देशभक्ति भजन भारत भूमि ये हमारी तुझको प्रणाम हमारा है सुनाकर सभी में जोश भर दिया।
कहा कि पुण्य कमाई केवल मानव जीवन में ही संभव है, इसलिए हमें हर समय अपनी दैनिक दिनचर्या के साथ प्रभु का नाम स्मरण करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में आस्था का ही उदाहरण है कि सवा महीने में 65 करोड़ लोगों ने महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाई।