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Mahendragarh-Narnaul News: सब डिपो का वर्कशॉप उद्घाटन के छह साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया

Mon, 15 Sep 2025 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फाेटो संख्या:51- महेंद्रगढ़ सब डिपो--संवाद
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महेंद्रगढ़। सब डिपो का वर्कशॉप उद्घाटन के छह साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि सरकार ने महेंद्रगढ़ को सब डिपो का तो दर्जा दे दिया लेकिन अभी यह धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। वर्कशॉप के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने और इसे चालू करे की स्वीकृति देने के लिए फाइल वित्त विभाग को भेजी गई है।
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21 जुलाई 2019 को तत्कालीन परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने छह करोड़ 70 लाख रुपये से महेंद्रगढ़ सब डिपो का निर्माण शुभारंभ करवाया था। सब डिपो की वर्कशॉप के लिए महेंद्रगढ़ को सरकार ने न तो अब तक कोई स्टॉफ उपलब्ध करवाया है, न ही मिस्त्री, मशीनें एवं आवश्यक साजोसामान दिया गया है।
बता दें कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2014 में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महेंद्रगढ़ में प्रस्तावित आईटीआई ग्राउंड में रैली के दौरान क्षेत्र की मांग पर महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। सामाजिक संगठनों एवं जागरूक लोगों ने वर्ष 2018 में महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।
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21 जुलाई 2019 को तत्कालीन परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने महेंद्रगढ़ सब डिपो का निर्माण का शुभारंभ करवाया था। इसके बाद करीब छह माह तक इसका कार्य लटका रहा। फिर सामाजिक संगठनों द्वारा लघु सचिवालय में प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिए गए। उसके बाद विभाग की ओर से सब डिपो का निर्माण कार्य शुरू हुआ। एक फरवरी 2021 को बस स्टैंड इंचार्ज को चॉबी सौंप दी गई। तबसे लेकर अब तक कई बार रोडवेज के उच्च अधिकारी सब डिपो की वर्कशॉप का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन सब डिपो की वर्कशाप चालू नहीं हुआ है।
इंसेट
फसल खरीद में बिल्डिंग का किया जा रहा उपयोग
महेंद्रगढ़ के सब डिपो निर्माण पर प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 6 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च किए गए। नया बस स्टैंड एवं वर्कशाप तैयार की गई लेकिन वर्कशाप चालू नहीं किया जा रहा है जबकि वर्कशाप के करोड़ों के भवन को फसल खरीद सीजन में मार्केट कमेटी की ओर से प्रयोग में लिया जाता रहा है। इस कारण जिस उद्देश्य से वर्कशाप भवन तैयार किया गया, वह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा।

इंसेट
खराब बसें भेजी जाती हैं नारनौल
जब रोडवेज की बसें खराब हो जाती हैं तो उस स्थिति में यहां वर्कशाप नहीं चलने के कारण बसों को मरम्मत के लिए नारनौल भेजा जाता है। खराब बस को नारनौल ले जाने एवं लाने में काफी समय एवं धन खर्च हो जाता है जबकि इसकी बचत महेंद्रगढ़ वर्कशाप को चालू करके की जा सकती है।

वर्जन
रोडवेज महाप्रबंधक देवदत्त की ओर से सब डिपो की वर्कशॉप की फाइल को चंडीगढ़ वित्त विभाग से स्वीकृति के लिए भेजा गया है। खराब बसों को नारनौल वर्कशाप भेजकर ठीक कराया जाता है।
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-हरिकिशन, इंचार्ज, बस स्टैंड महेंद्रगढ

फाेटो संख्या:51- महेंद्रगढ़ सब डिपो--संवाद

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