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Mahendragarh-Narnaul News: कवियों की रचनाओं ने गुदगुदाया, महामूर्ख सम्मेलन में खूब लगे ठहाके

Wed, 27 Mar 2024 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ में दुल्हेंडी के दिन सोमवार को रामलीला परिषद परिषद में मास्टर जयनारायण सांस्कृतिक मंच की ओर से 54वें महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक मंच के प्रधान नरेश जोशी और सचिव अशोक यादव ने बताया कि महामूर्ख के सिंहासन पर सुधीर दिवान मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले मूर्खाधिष का शृंगार कर घोड़ी पर बिठाकर भगवान परशुराम चौक से गाजे-बाजे व नाच गानों के साथ सम्मेलन स्थल तक लाया गया। उसके बाद राधा कृषण मक्कड़, राजपाला गिरदावर, राजकुमार परतापुरिया, महेश जोशी, अनिल कौशिक, दयाशंकर तिवारी, जेपी मिश्रा, सुरेश लवानिया ने मां सरस्वती की मूर्ति के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा भी उपस्थित रहे।
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कवियों की प्रस्तुतियों पर खूब लगे ठहाके
हेमा पांडेय लखनऊ ने मां शारदे की वंदना कर कवि सम्मेलन का आगाज किया। उन्होंने पग महावर लगाया तुम्हारे लिए, रूप मैंने सजाया तुम्हारे लिए, सुरेश मक्कड़ साहिल ने लिखूं गीत कैसे मैं यादों के अब, था गीतों का मुखड़ा वही खो गया। सुनाऊं किसे शब्द टूटे हुए, सुनने वाला वही था, वही सो गया सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। साची नेपाल से पधारे लक्ष्मण नेपाली ने जिसको भी प्रभु राम चखेंगे, शबरी को वही बेर दिखेंगे, भोपाल से हास्य व्यंग्य कवि दीपक दनादन ने हर प्रेमिका ने हम में देखा, भैय्या का किरदार दनादन से और देवास से पधारे कवि कुलदीप सिंह ठाकुर रंगीला ने हास्य-व्यंग्य की चुटकियों से श्रोताओं को बहुत गुदगुदाया। गौरी मिश्रा नैनीताल ने कहा कान्हा ने, राधा! मैं तुझ पर रंग डालूंगा, मैं पिछले साल की होली का अब बदला निकालूंगा और जय-जय श्री राम से खूब तालियां बटोरीं।



यह रहे मौजूद
इस अवसर पर मा. जयनारायण सांस्कृतिक मंच के सदस्य, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लवानिया, हरियाणा कला परिषद के क्षेत्रीय निदेशक महेश जोशी, वाईएचएके निदेशक अनिल कौशिक, मोदाश्रम समिति के अध्यक्ष दयाशंकर तिवाड़ी, व्यापार मंडल के प्रधान सुरेंद्र बंटी, सुंदरलाल असोदिया, घीसा राम सैनी, रामजीवन मित्तल, सुरेश लावनियां, सुभाष अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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