फोटो नंबर-03रेस्ट हाउस का जायजा लेते डीसी डॉ विवेक भारती। स्रोत-प्रशासन
नारनौल। जिले का मुख्यालय नारनौल में बनाया जा रहा अत्याधुनिक रेस्ट हाउस अंतिम चरण में है। यह ऐसा रेस्ट हाउस होगा जिसे एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड के मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
इससे पहले राज्य के कुछ ही जिलों में इस तकनीक से रेस्ट हाउस तैयार किए गए हैं। उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने वीरवार को निर्माणाधीन रेस्ट हाउस का दौरा कर कार्य का जायजा लिया। विभाग के अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि लगभग 18.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा रेस्ट हाउस जिले के लिए है।
डॉ. भारती ने इसके बेहतरीन डिजाइन की सराहना करते हुए बताया कि ईसीबीसी के तहत निर्मित भवनों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा की खपत को कम करना और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना है। ऐसे भवन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में भी सहायक होते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उपायुक्त ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में अब तक इस तरह का कोई रेस्ट हाउस नहीं था। इससे वीआईपी आवाजाही के दौरान जिला प्रशासन को अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसका उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बीएंडआर विभाग के कार्यकारी अभियंता अश्वनी कुमार और उपमंडल अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इंसेट
ये होंगी सुविधाएं
- 200 लोगों की क्षमता वाला कॉन्फ्रेंस रूम पहली मंजिल पर बनाया गया है, जो बड़ी बैठकों और आयोजनों के लिए होगा।
- छोटी मीटिंग के लिए कमेटी रूम भी तैयार किया गया है। इसमें एक मुख्यमंत्री सूट और 2 वीआईपी रूम शामिल है।
- 20 अधिकारियों के लिए कमरे भी बनाए गए हैं।
- एक विशाल डाइनिंग हॉल और पैंट्री की व्यवस्था भी की गई है।