फोटो नंबर-05शहर में कूड़ा उठान करते कर्मचारी। संवाद
नारनौल। शहर में घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था एक बार फिर संकट में पड़ सकती है। नगर परिषद द्वारा वर्तमान ठेकेदार कंपनी को दिया गया चार माह का ठेका 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में संभावना है कि कल के बाद मोहल्लों में रोजाना सुबह कूड़ा एकत्र करने आने वाले वाहन नहीं पहुंचेंगे।
नगर परिषद के पास स्वयं के करीब दस वाहन मौजूद हैं लेकिन इनमें से कई की तकनीकी स्थिति संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। ऐसे में ठेका समाप्त होने के बाद यदि ठेकेदार कंपनी ने कार्य बंद कर दिया तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। नगर परिषद को समय रहते नई व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि शहरवासियों को स्वच्छता से जुड़ी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
नगर परिषद की ओर से करीब साढ़े बारह करोड़ रुपये का ठेका पांच साल के लिए देना है। इस ठेके की प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं हो तब तक के लिए नप की चार महीने एक निजी कंपनी को कार्य दिया था। यही कंपनी पहले भी शहर में घर-घर कूड़ा उठान का कार्य कर ही थी। पांच साल के लिए छोड़े जाना वाले ठेके की प्रक्रिया में अभी एक महीने का समय और लग सकता है। तब तक के लिए नप को कोई व्यवस्था करनी पड़ेगी।
वर्जन-
शहर में चार महीने के लिए कूड़ा उठान का जो कार्य हमने लिया था उसका समय 30 नवबंर को पूरा हो जाएगा। अभी तक हमारे पास इसको आगे बढ़ाने संबंधी कोई आदेश नहीं आए हैं। -कर्मवीर, ठेकेदार
वर्जन-
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। कूड़ा उठान के लिए जो चार महीने का ठेका समाप्त होने जा रहा है उसकी अवधी को एक महीने और आगे बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है जो जल्दी ही पूरी हो जाएगी। -सत्येंद्र सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, नारनौल