महेंद्रगढ़। जिले के राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांची जाएगी। इसमें अन्य स्कूलों से लेक्चरर की टीम आएगी और तय पैमाने के अनुसार विद्यार्थियों का मौखिक टेस्ट लेगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से दो चरणों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांची जाएगी। इसके लिए सेंसस बेस्ड ग्रुपिंग एक्टिविटी चलाई जा रही है। इसका पहला चरण 15 व 16 सितंबर को हो चुका है।
इसके बाद विभाग की ओर से स्कूलों को 45 दिन का रिमेडियल क्लासेज का समय दिया। अब 22 व 23 दिसंबर को हरियाणा में गतिविधियों के माध्यम से कक्षा पहली से तीसरी के प्रत्येक विद्यार्थी का आकलन किया जाएगा। टीमें इसका रिकॉर्ड ऑनलाइन एप के माध्यम से सबमिट करेंगी और हर विद्यार्थी का पूरा रिकॉर्ड व शैक्षणिक स्तर शिक्षा विभाग के पास भेजेंगी।
इसके बाद विभाग शिक्षकों के कार्य की समीक्षा करेगा। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के आधार पर आगामी योजना तैयार की जाएगी। टेस्ट में शब्द, वाक्य, अनुच्छेद, संख्या पहचान, जोड़, घटाव आदि से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।
इसका उद्देश्य आधारभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान में विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और प्रत्येक बच्चे के लिए विद्यालयों को उचित योजना बनाने में सहयोग प्रदान करना है।
इसके माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी का पठन व गणित में आधारभूत स्तर पर मूल्यांकन कर उनके अधिगम स्तर की पहचान की जाएगी और कमजोर प्रदर्शन रहने पर शिक्षकों को अधिगम परिणाम में सुधार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दस प्राथमिक स्कूलों का निम्न स्तर रहा
पहले चरण की गतिविधियों में जिले के दस प्राथमिक स्कूलों का शैक्षणिक स्तर निम्न रहा है। इसके लिए निदेशालय की ओर से सभी स्कूलों को पत्र जारी जवाब मांगा गया था और सत्र सुधारने के लिए आगामी योजना भी मांगी गई। अब दूसरे चरण में इन स्कूलों की योजना परखी जाएगी।
वर्जन:
शिक्षा निदेशालय की ओर से दो दिवसीय सेंसस बेस्ड ग्रुपिंग एक्टिविटी आयोजन किया जा रहा है और इसमें प्राथमिक स्कूलों का शिक्षा स्तर जांचा जाएगा। फिलहाल सभी स्कूल प्रभारियों को टेस्ट के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। -अलका, खंड शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़