नारनौल। एकीकृत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब परियोजना के लिए मुआवजे में वृद्धि की मांगों के संबंध में एसडीएम अनिरुद्ध यादव ने किसानों के साथ बैठक की। साथ ही एचएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक आदित्य दहिया के साथ वीडियो कॉंफ्रेंसिंग भी की गई जिसमें भी ग्रामीण मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि मुआवजे में कोई और वृद्धि संभव नहीं है, क्योंकि भूमि स्वेच्छा योजना के तहत भूमि मालिकों की सहमति से खरीदी गई थी और निष्पादित बिक्री विलेख अंतिम, निर्णायक व कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं।
मुआवजे में वृद्धि की मांग को लेकर किसान बसीरपुर में धरने पर बैठे हुए हैं। प्रशासन की प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एकीकृत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना है जो बहु-मॉडल परिवहन के एकीकरण के माध्यम से लॉजिस्टिक्स और परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का उद्देश्य रखती है।
परियोजना के लिए कुल 886 एकड़ भूमि की आवश्यकता है जिसमें से लगभग 698 एकड़ भूमि राज्य सरकार की ओर से परियोजना एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल) को हस्तांतरित कर दी गई है।
भूमि का अधिग्रहण सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित दर पर किया गया था, उसके बाद भूमि मालिकों ने स्वेच्छा से, सहमति-आधारित प्रत्यक्ष खरीद तंत्र के माध्यम से अपनी भूमि बेची, अपनी पूर्ण इच्छा से और स्पष्ट सहमति के साथ व इसके अनुसार पंजीकृत बिक्री विलेख निष्पादित किए।