12वीं के छात्र का अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें छात्र का रिश्तेदार मुख्य साजिशकर्ता निकला। पुलिस अन्य तीन की तलाश कर रही है। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
डीएसपी अमरजीत सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि 22 फरवरी को गांव कोजिंदा निवासी 12वीं के छात्र दिनेश का स्कॉर्पियो सवार चार युवकों ने अपहरण कर लिया था। आरोपी गुरुग्राम निवासी अजय, विकास, विशाल और रोहित सुबह ही नारनौल आ गए थे। सुबह छात्र का अपहरण करने में असफल रहे तो दिनभर बाजार में रहे और शाम को छात्र का अपहण कर लिया।
डीएसपी ने बताया कि इस मामले का मास्टरमाइंड हिमांशु सैनी है। हिमांशु ने गुरुग्राम निवासी अजय को दिनेश का अपहरण करने के लिए कहा था। उन्होेंने बताया कि छात्र का अपहरण करने के बाद तुरंत पैसे के लिए कॉल नहीं आई थी। बाद में परिजनों के पास पैसे के लिए फोन किया गया। अपहर्ताओं ने दिनेश को छोड़ने के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की। इसके बाद नारनौल पुलिस, गुरुग्राम और नूंह की सीआईए पुलिस की मदद से अपहरणकर्ताओं से छात्र को सकुशल छुड़वाने में कामयाबी हासिल करते हुए रोहित और हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी ने बताया कि अजय ने दोस्त की गाड़ी को मांगकर लाया था। गाड़ी मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
हिमांशु ने बताया था कि दिनेश के परिजनों के पास है काफी पैसा
डीएसपी ने बताया कि हिमांशु और दिनेश के दादा सगे भाई थे। कोजिंदा गांव निवासी हिमांशु सैनी ने गुरुग्राम के अजय को दिनेश को पैसे वाली पार्टी बताकर अपहरण करने के लिए कहा था। अजय ने तीन अन्य के साथ लेकर छात्र का अपहरण किया। आरोपियों ने गाड़ी पर राजस्थान नंबर लगा दिया था। इसमें मुख्य साजिशकर्ता हिमांशु और इसका मास्टरमाइंड अजय है। ऐसे में अपनों पर भरोसा अब कैसे किया जाए, जब अपने ही अपहरण करवाने लग जाए। इस खुलासे के बाद गांव में भी लोग स्तब्ध है। इसमें हिमांशु के बुआ का लड़का विकास भी शामिल था।
एक करोड़ से 12 लाख पर तय हुई छोड़ने की बात
डीएसपी अमरजीत सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी हिमांशु ने गुरुग्राम में रहने वाले चार लोगों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि दिनेश का अपहरण करते हैं तो मोटी रकम मिल सकती है। आरोपी छात्र को सोहना रोड पर एक घर में छिपा रखा था। आरोपियों पहले दिन दिनेश से मारपीट की थी। डीएसपी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने दिनेश के परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद 50 लाख और अंत में 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपियों ने दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर पैसे लेने के लिए वीरवार को कहा था। इस पर पुलिस टीम साथ लग गई। टीम ने गुरुग्राम में छात्र और रोहित को स्कॉर्पियो के साथ काबू किया है। तीन अन्य मौके से भाग गए। इसके बाद हिमांशु को पकड़ा गया। उनके गुनाह कबूल कर लिया है। गुरुग्राम निवासी अजय के संपर्क में हिमांशु था। गुरुग्राम गैंग में अजय ही मास्टरमाइंड था, उसके तीन साथियों की तलाश है।
दो दिन उलझी रही पुलिस
डीएसपी ने बताया कि दिनेश दोस्त के साथ 22 फरवरी की शाम बुलेट से मंढ़ाणा गांव के पास गए थे। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने दिनेश का अपहरण कर लिया था। इस दौरान दिनेश के विरोध करने जैसी बात सामने नहीं आई। दूसरी बुलेट से भाग सकता था। दूसरी ओर दो दिन तक फिरौती का फोन नहीं आया। इसमें प्रॉपर्टी व लड़की समेत अन्य पर ध्यान दिया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिरौती की कॉल आने पर साइबर सेल की मदद से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
इधर लापता बच्चे की तलाश जारी
वहीं एक अन्य मामले में डीएसपी अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले दिनों पुरानी सराय से भी एक बच्चा लापता है। इस मामले में कुछ सीसीटीवी फुटेज मिली हैं। बच्चे का किसी ने अपहरण किया है, इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में बच्चा मर्जी से किसी व्यक्ति के साथ ट्रक में बैठकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस मामले में भी पुलिस जल्द ही खुलासा कर देगी।