फोटो नंबर-20पानी नहीं आने पर सूखी पड़ी नहर। संवाद
- फोटो : क्षतिग्रस्त पड़ा ऑटो।
नारनौल। क्षेत्र में पड़ रही गर्मी से जहां पानी लोगों के लिए सबसे पहली जरूरत बनी है। वहीं शहर में नहरी पानी आने में दो दिन और लग सकते है। इससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
एक सप्ताह से शहर के कई मोहल्लों में पेयजल संकट छाया है। लोगों को पानी पैसा खर्च करके मंगवाना पड़ रहा है। विभाग भी नहरी पानी के समय पर नहीं पहुंचने के कारण राशनिंग कर रहा है। शहर के मोहल्लों में जहां पानी की सप्लाई एक घंटे तक की जाती थी अब वह आधे घंटे ही की जा रही है। आधे घंटे पानी की सप्लाई से उन मोहल्लों और घरों में पानी कम पहुंच पाता है जो उंचाई पर स्थित हैं।
पानी की सप्लाई का समय कम कर देने के कारण लोगों की टंकियां तक नहीं भर पा रही हैं। शहर के कई मोहल्लों में तो लोगों को पीने के लिए पानी दूर-दराज से लाना पड़ रहा है। ऐसे में अभी शहर के लोगों को दो दिन और इस संकट का सामना करना पड़ सकता है। नहर में पानी समय पर नहीं आने के कारण रेवाड़ी रोड व महेंद्रगढ़ रोड के जलघरों में भी पानी कम होता जा रहा हैं और केवल दो दिन का ही पानी सप्लाई के लिए शेष बचा है।
यदि नहर किसी कारण दो दिन से ज्यादा लेट हो जाती है फिर पूरे शहर में पानी को संकट छा सकता है। फिलहाल विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि खुबडू नहर से पानी छोड़ा जा चुका है और यहां तक पहुुंचने में उसे 24 घंटे का समय लगता है। अगर इस चलते पानी में कही बिजली की समस्या या अन्य कोई समस्या आ जाए तो इसमें और समय लग जाता है। वैस देखा जाए तो 25 अप्रैल तक जेएलएन नहर में पानी आने की उम्मीद थी जिसमें अब तक दो दिन की देरी हो चुकी है। जिले में अब समय पर नहर का आना आवश्यक हैं, क्योंकि यहां की 80 प्रतिशत जनता नहरी पानी पर ही निर्भर है।
वर्जन-
खुबडू नहर से पानी छोड़ दिया गया है। दो से तीन दिन में यहां पहुंच जाएगा। वाटर टैंकों में फिलहाल दो दिन तक का पानी है। जब तक नहर नहीं आ जाती लोग पानी को बर्बाद न करें।-मुकेश शर्मा। एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग।