सबसे तीव्र गति से हाईवे बनाने का दावा करने वाला सड़क एवं परिवहन मंत्रालय 5 साल में महेंद्रगढ़ को प्रदेश के 16 जिलों से जोड़ने वाले 54 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण नहीं करा सका। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 2015 में हांसी से कोठपुतली तक को स्टेट हाईवे से नेशनल हाईवे का दर्जा दिया था। 148-बी नाम पाने वाले इस नेशनल हाईवे में नारनौल से मंदोला तक के इस हिस्से पर कभी काम ही शुरू नहीं हुआ। हरियाणा में पहली बार ऐसा हुआ कि एनएच को डिमोट कर स्टेट हाईवे बना दिया गया। यह रिकार्ड इसी हाईवे के नाम दर्ज हुआ है। 5 साल बाद हाईवे पुरानी पोजीशन में लौट गया। बेहद जर्जर हो चुके इस हाईवे पर पिछले छह महीने में हादसों में 20 लोगों की जान जा चुकी है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च 2015 में हरियाणा को दो नए नेशनल हाईवे देने का एलान किया था। 9 अप्रैल 2015 को केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर पंजाब के बठिंडा-मानसा से राजस्थान के कोठपुतली तक की सड़क को एनएच का दर्जा दिया। अधिसूचना के अनुसार यह हाईवे कोठपुतली से नारनौल महेंद्रगढ़, दादरी, भिवानी, हांसी, बरवाला व टोहाना होते हुए पंजाब के मानसा तक रहेगा। 21 जुलाई 2015 को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सिरसा रैली में सार्वजनिक तौर पर एलान करते हुए दोहराया कि कोठपुतली से मानसा तक एनएच को फोरलेन किया जाएगा। इस अधिसूचना के करीब 5 साल बाद भी हाईवे का निर्माण नहीं हो सका। इस हाईवे के कुछ हिस्सों को ही फोरलेन किया जा सका। नारनौल से महेंद्रगढ़ होते हुए दादरी के मंदोला तक हाईवे के इस हिस्से पर आज तक काम शुरू नहीं हुआ। वर्ष 2015 में रोड की मेंटिनेंस की गई थी। उसके बाद इस पर पैचवर्क भी नहीं हो रहा। पिछले दो साल से इस नेशनल हाईवे की हालत बेहद खराब होती जा रही है। फिलहाल हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों ने इसे जानलेवा सड़क घोषित कर दिया है। सामाजिक संगठनों ने हाईवे के किनारे बड़े बड़ेे फ्लैक्स लगाकर इसे जानलेवा सड़क लिखवाना पड़ा। होर्डिंग्स में यह भी लिखा यह जानलेवा सड़क पिछले 8 महीने में 20 लोगों की जान जा चुकी है, अपनी जिम्मेदारी पर चलें।
विधानसभा में भी गूंज चुका मामला
नारनौल -महेंद्रगढ़-दादरी एनएच के जर्जर हालात का मुद्दा फरवरी 2020 में विधानसभा में उठाया गया था। विधायक राव दान सिंह ने इस बारे में सवाल पूछा था। जिस पर सीएम मनोहरलाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जवाब दिया था। सीएम ने कहा था एनएचएआई इसका निर्माण नहीं कराएगी तो पीडब्ल्यूडी के माध्यम से इसे फोरलेन बनाएंगे।
हाईवे का मंत्री, डिप्टी सीएम की मां और पूर्व सीपीएस कर रहे प्रतिनिधित्व
नारनौल से दादरी की दूरी लगभग 66 किलोमीटर है। दादरी से मंदोला गांव तक 12 किलोमीटर रोड फोरलेन है। जिसमें नारनौल से मंदोला के बीच 54 हाईवे बेहद जर्जर है। इस 54 किलोमीटर में करीब 13 किलोमीटर का एरिया डिप्टी सीएम दुष्यंत की माता नैना चौटाला की बाढड़ा विधानसभा का एरिया है। नारनौल शहर से गुलावला करीब दस किलोमीटर का हिस्सा प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री ओमप्रकाश यादव के विधानसभा क्षेत्र में है। गुलावला से बास खुडाना तक का 31 किलोमीटर का हिस्सा विधायक राव दान सिंह की विधानसभा के दायरे में आता है। इन तीनों में पार्टी वाइज बात करें तो एक कांग्रेस, एक भाजपा व एक जजपा से विधायक हैं।
महेंद्रगढ़- नारनौल को 16 जिलों से जोड़ने वाला हाईवे
महेंद्रगढ़, नारनौल को हरियाणा के 16 जिले इसी हाईवे के जरिए जुड़ते हैं। दादरी, भिवानी, रोहतक, झज्जर, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत व कैथल को जोड़ने के लिए यह हाईवे उपयोग होता है। राजस्थान के कोठपुतली से पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल को भी यही हाईवे जोड़ता है।
पिछली सरकार में भी तीनों विधायक विधायक थे
वर्ष 2015 से 2020 तक केंद्र तथा प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार रही। तब इस हाईवे का तीनों भाजपा विधायक प्रतिनिधित्व कर रहे थे। जिसमें नारनौल से ओमप्रकाश यादव और बाढ़डा से सुखविंद्र मांढी बीजेपी विधायक थे। महेंद्रगढ़ से रामबिलास शर्मा प्रदेश सरकार में सबसे सीनियर केबिनेट मंत्री थे।
अब नारनौल-महेंद्रगढ़- दादरी के बीच के हिस्से को स्टेट हाईवे बनाया गया है। एनएच 148 बी को डि नोटिफाई किया जा चुका है। इस हाईवे की हालत बेहद खराब है। रोड को फोरलेन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी के आला अधिकारियों को लेटर लिख दिया है।
आरके सिंह, डीसी, महेंद्रगढ़।