महेंद्रगढ़। इस साल के सात माह बीतने के बाद भी नगर पालिका हाउस की बैठक नहीं हुई है। इसके कारण शहर के विकास से जुड़े 139 करोड़ के 23 एजेंडे अब तक लंबित पड़े हैं। बैठक नहीं होने से नए कार्यों को मंजूरी नहीं मिल पा रही और पुराने प्रस्तावों पर भी आगे की कार्रवाई नहीं हो रही।
इस साल में नगर पालिका हाउस की पहली बैठक 20 जनवरी को हुई थी। इसके बाद 6 फरवरी को रामलीला परिषद में आयोजित बैठक कोरम पूरा नहीं होने के कारण रद्द करनी पड़ी। वहीं 13 फरवरी को हुई तीसरी बैठक हंगामे के बाद स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद अब तक कोई बैठक नहीं हुई।
बैठक नहीं होने से शहर में सड़क निर्माण, नालियों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के विकास, सफाई व्यवस्था और पेयजल जैसी योजनाओं पर चर्चा नहीं हो सकी है। इससे विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है।
पार्षद राजेश सैनी ने बताया कि नगर पालिका हाउस की बैठक हर माह होनी चाहिए लेकिन अधिकारियों की अनदेखी और बजट की कमी के कारण इस वर्ष तीन बैठकें रद्द हो गईं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब 10 से अधिक बैठकों में 500 से ज्यादा एजेंडे पास हुए लेकिन उनमें से केवल कुछ ही योजनाएं धरातल पर उतर पाई हैं।
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इन एजेंडों का काम रुका
शहर के विकास से जुड़े 139 करोड़ के 23 एजेंडे अब तक लंबित पड़े हैं। इसमें प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटि ठीक करना, संपत्ति प्रमाण पत्र लाल डोर में लागू करना, मोदाश्रम रोड बनना, 11 हट्टा बाजार में नाली का बनाना, नगर पालिका की 250 एकड़ जमीन को कब्जा व अतिक्रमण मुक्त बनाना, स्ट्रीट लाइटें लगवाने, शॉपिंग कांप्लेक्स में बंद पुस्तकालय को शुरू करवाना।
वर्जन:
नगर पालिका हाउस बैठक नहीं होने के कारण नए प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। वार्ड के पार्षदों ने शहर के विकास कार्य के एजेंडे तैयार कर दिए हैं और जैसे ही बैठक आयोजित होगी, उन्हें सदन के समक्ष रखा जाएगा। जल्द बैठक नहीं हुई तो एक वर्षीय कार्ययोजना भी प्रभावित हो सकती है।
-रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़