महेंद्रगढ़। क्षेत्र में बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिले थे, वहीं महज 24 घंटे बाद न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री गिरकर तीन डिग्री पहुंच गया। शनिवार सुबह क्षेत्र में जमे हलके पाले ने ठंड के साथ-साथ किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
शनिवार को दिनभर तेज हवा ने लोगों को ठिठुरा दिया। मौसम विशेषज्ञों की ओर से रविवार सुबह भी पाला जमने की संभावना जताई जा रही है।वीरवार को महेंद्रगढ़ क्षेत्र का अधिकतम तापमान करीब 22.6 डिग्री था जो शनिवार को 5.9 डिग्री की गिरावट के साथ 16.7 डिग्री पर पहुंच गया।
वहीं वीरवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री से शनिवार को 9.6 डिग्री गिरकर 3 डिग्री पहुंच गया। महज 24 घंटे के समय में 9.6 डिग्री तापमान गिरने से शनिवार सुबह पाला जमा। इस सीजन में शनिवार को पांचवीं बार पाला जमा है।
इससे पूर्व 13 जनवरी से 18 जनवरी तक न्यूनतम तापमान तीन डिग्री से नीचे बना हुआ था। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अब रविवार व सोमवार को सुबह भी पाला जमने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को नारनौल का न्यूनतम तापमान 2.5 व अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
फसलों में पाले से नुकसान का डर
गांव झूक निवासी किसान रामकिशन, पाथेड़ा निवासी विक्रमपाल, झगड़ौली निवासी श्रीकृष्ण, सतनाली निवासी रामौतार, नांवां निवासी सुबे सिंह, डालनवास निवासी गिरवर सिंह का कहना कि एक सप्ताह पूर्व चार-पांच दिनों तक तापमान काफी कम रहा था। साथ ही करीब चार पांच बार पाला भी जमा था। अब शनिवार सुबह भी पाला जमा है। ऐसे में विशेषकर फलियों में दाना बनने की ओर अग्रसर सरसों की फसल में अधिक नुकसान की आशंका है। सब्जियों की छोटी पौध भी काफी हद तक प्रभावित हो रही है। दो-तीन दिन तक पाला जमता है तो फसलों में नुकसान की संभावना है।
26 की रात को राहत की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर अगले दो दिनों तक 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तरी बर्फिली सर्द हवाएं चलने से दिन और रात के तापमान में बड़ी गिरावट से गंभीर शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति देखने को मिलेगी। तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा व बर्फिली हवा की संभावना है। 26 जनवरी रात को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ राहत मिलने की संभावना है। 27 से 28 तक मौसम में बदलाव का दौर जारी रहेगा।
किसानों के सिंचाई की सलाह
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़ के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि पाले की संभावना को देखते हुए किसान खेतों में हल्की सिंचाई अवश्य करें। साथ ही संभव हो सके तो हवा की दिशा के हिसाब से घासफूंस जलाकर धुआं कर पाले के प्रभाव को कम कर सकते हैं। गेहूं की फसल इस समय बढ़वार की स्थिति में है जिससे इसपर अधिक प्रभाव नहीं होगा।
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पांच दिनों का तापमान (नारनौल)
दिन अधिकतम न्यूनतम
20 जनवरी 22.0 6.5
21 जनवरी 22.5 6.0
22 जनवरी 22.6 6.0
23 जनवरी 16.7 6.5
24 जनवरी 15.0 2.5
फाेटो संख्या:80- सुबह के गांव नांवां के खेतों के किनारे एकत्रित किए गए पशुचारे पर जमी पाले की
फाेटो संख्या:80- सुबह के गांव नांवां के खेतों के किनारे एकत्रित किए गए पशुचारे पर जमी पाले की
फाेटो संख्या:80- सुबह के गांव नांवां के खेतों के किनारे एकत्रित किए गए पशुचारे पर जमी पाले की