नारनौल। क्षेत्र में गैस सिलिंडर आपूर्ति व्यवस्था अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है जिसका सीधा असर आम घरों के साथ-साथ राजकीय स्कूलों पर भी पड़ रहा है। खासकर स्कूलों में मिड-डे मील योजना भी प्रभावित हो रही है क्योंकि समय पर गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
विभिन्न राजकीय स्कूलों में की गई पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश स्कूलों में गैस सिलिंडर देरी से पहुंच रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल प्रबंधन को मजबूरन लकड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है और चूल्हों पर मिड-डे मील तैयार किया जा रहा है।
इससे न केवल भोजन बनाने में अधिक समय लग रहा है बल्कि वर्करों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल शिक्षकों का कहना है कि पहले गैस सिलिंडर बुक करने के दो दिन के भीतर ही उपलब्ध हो जाता था लेकिन अब बुकिंग के बाद पहुंचने में पांच से छह दिन का समय लग रहा है। वहीं कई बार सिलिंडर की बुकिंग भी लंबे अंतराल के बाद ही संभव हो पाती है। इस देरी के कारण मिड-डे मील समय पर तैयार करना चुनौती बन गया है।
चूल्हे पर भोजन बनाने के दौरान उठने वाला धुआं भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। इससे न केवल वर्करों को दिक्कत होती है बल्कि स्कूल परिसर का वातावरण भी प्रभावित होता है। कई बार धुएं के कारण बच्चों और स्टाफ को भी असुविधा झेलनी पड़ती है।
शिक्षकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग इस समस्या का जल्द समाधान करें और स्कूलों में गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि मिड-डे मील योजना सुचारु रूप से संचालित हो सके।
वर्जन
राजकीय स्कूलों में मिड-डे मील के लिए गैस सिलिंडर व्यवस्था को लेकर स्कूल मुखियाओं से जानकारी मांगी गई थी। अगर कहीं भी इसकी दिक्कत है तो हमें अवगत करवाए। मिड-डे मील के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा शीघ्र गैस सिलिंडर पहुंचाने का आश्वासन हमें दिया हुआ है।
विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।