व्यक्ति को नोटिस देते डॉ. पंकज शर्मा।
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कुंडा कोसरा नागपुर (महाराष्ट्र) से गांव डेरोली अहीर पहुंचा व्यक्ति सोमवार को पैदल सीहमा चिकित्सालय पहुंच गया। महावीर जयंती का अवकाश होने के चलते स्वास्थ्य केंद्र सीहमा में चिकित्सक नहीं मिला तो नारनौल के लिए पैदल निकल पड़ा। बस स्टैंड सीहमा पर ठीकरी पहरा दे रहे पंचायत सदस्यों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका नाम सुरेंद्र नायक है। गांव डेरोली अहीर का रहने वाला है जो कि गाय खरीद-बेच का कार्य करता है। महाराष्ट्र में नागपुर के नजदीक कुंडा कोसरा गया था। वहां से अंगूरों के टैंकर में बैठकर नारनौल होते हुए कुकसी रविवार दोपहर तीन बजे पहुंचा था। घर व गांव वालों की सलाह पर चिकित्सा जांच करवाना चाहता है। जिसके चलते वह अपने गांव डेरोली अहीर से पैदल सीहमा पीएचसी नौ बजे पहुंचा।
सरपंच हरनाम सिंह ने बताया कि मौके पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व पुलिस को संदिग्ध व्यक्ति की सूचना दी गई। सूचना के उपरांत उप स्वास्थ्य केंद्र डेरोली अहीर के चिकित्सक पंकज शर्मा पहुंचे और सुरेंद्र नायक की चिकित्सा जांच की। डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि कोरोना जैसे लक्षण सुरेंद्र नायक में दिखाई नहीं दिए हैं। सुरेंद्र को एहतियात के तौर पर घर में परिवार के सदस्यों से अलग 14 दिन कमरे में रहने की हिदायत दी गई है। सुरेंद्र नायक को चिकित्सक पंकज शर्मा ने एक नोटिस महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत 14 दिन घरेलू निगरानी में रहने का दिया। डॉ. शर्मा ने उसको हिदायत दी कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाए साथ ही कहा कि नोटिस के आदेशों की उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
21 को पहुंचा था नासिक
व्यापारी ने बताया कि 21 मार्च को पिलानी राजस्थान से गाय लेकर नासिक गया था। उसके बाद 24 मार्च को शिर्डी गया । 29 मार्च को अंगूर लोड कर चल दिया। 5 अप्रैल को नारनौल सब्जी मंडी में अंगूर उतारा। उसके बाद कैंटर चालक ने उसे अपने गांव के पास उतारा । घर पहुंचने पर लोगों ने उसे स्वास्थ्य जांच कराने उसके बाद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। कारोबारी कैंटर चालक के साथ पहले से ही गाय लेकर आता जाता रहा है।