फाेटो संख्या:73- बाघोत के बाघेश्वर धाम पर श्रीमद्भावगत कथा के दौरान श्रद्धालुओं को कथा सुनाते क
सेहलंग। बाघेश्वर धाम बाघोत में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास पंडित राकेश कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म, गोकुल आगमन और बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा कथा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोषों से गूंज उठा।
कथा व्यास ने बताया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। उन्होंने बताया कि कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान ने कारागार में जन्म लिया और वासुदेव द्वारा यमुना पार कर गोकुल में नंद बाबा और यशोदा माता के पास पहुंचाए गए।
कथा में पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त और अन्य बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर जन्मोत्सव मनाया और प्रसाद ग्रहण किया। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।