फोटो संख्या:84- महेंद्रगढ़ के खेत में लहराती सरसों की फसल---संवाद
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ क्षेत्र में नववर्ष का आगाज कठाके की ठंड व हल्की बूंदाबांदी के साथ हुआ। वीरवार देर शाम को क्षेत्र में हुई हल्की बूंदाबांदी व तेज हवाओं के साथ शीतलहर भी चली। हल्की बूंदाबांदी को कृषि विषेशज्ञ फसलों के लिए लाभदायक मान रहे हैं।
वहीं मौसम विशेषज्ञों की ओर से आगामी दो-तीन दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहने व न्यूनतम व अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
वर्तमान समय में महेंद्रगढ़ जिले में 2.72 लाख एकड़ में खड़ी सरसों व 70 हजार एकड़ में गेहूं की फसलों में तेजी बढ़वार एवं फुटाव के लिए यह बूंदबांदी लाभदायक साबित होगी।
इस समय गेहूं की फसल बढ़वार व फुटाव की ओर अग्रसर है। वहीं सरसों के फूलों में फलियां बननी आरंभ हो चुकी हैं। अगर अच्छी बारिश होती है तो दोनों ही फसलों के लिए लाभदायक रहेगी।
वहीं मौसम विशेष डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। दो जनवरी के बाद हाड़ कंपा देने वाली ठंड से रूबरू होना पड़ेगा।
ठंड के साथ-साथ धुंध, कोहरा, शीत लहर, शीत दिवस की भी स्थिति बनी रहेगी। महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेलिसियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया कि इस समय बारिश फसलों के लिए सोने पे सुहागा है। अब दोनों ही फसलें तेजी से फुटाव व बढ़वार की ओर अग्रसर हैं। ऐसे में बारिश से बढ़वार रफ्तार पकड़ेगी व फुटाव भी अच्छा होगा।