नारनौल। सड़क हादसे में 40 प्रतिशत विकलांग हुए साधू राम (46) को बीमा कंपनी को 12 लाख रुपये का मुआवजा देगी। यह फैसला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने सुनाया है। साथ ही, पीड़ित को 15 दिनों के अंदर अपने दस्तावेज जमा करने के लिए भी कहा है।
12 अप्रैल 2019 को देर शाम करीब 7 बजे भिवानी जिले के गांव अमीरवास निवासी साधू राम (46) बाइक पर जा रहे थे तभी गांव जवाहर नगर के पास सचिन मित्तल की कार ने उन्हें टक्कर मार दी जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई। इस हादसे में साधू राम के बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया और गंभीर चोटें भी आईं थीं। डॉक्टरों के अनुसार, पीड़ित को 40 प्रतिशत स्थायी शारीरिक विकलांगता हुई है।
इसके बाद बीमा कंपनी ने एफआईआर में देरी के तर्क देकर पैसे देने से इन्कार कर दिया था। फिर मामला कोर्ट में पहुंच गया। इस दौरान न्यायालय ने माना कि दुर्घटना कार चालक सचिन मित्तल की लापरवाही के कारण हुई है।
इसके बाद बीमा कंपनी के एफआईआर में देरी के तर्क को खारिज कर दिया गया क्योंकि दावेदार लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती था जो देरी का उचित कारण है। साथ ही एक पेंटर के रूप में इस विकलांगता से साधू राम की कमाने की क्षमता पर 40 प्रतिशत का सीधा असर पड़ा है।
अदालत ने कुल मुआवजा राशि पर याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी देय होगा। कार चालक और बीमा कंपनी दोनों संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं लेकिन वाहन बीमित था। इसलिए एडीजे नितिन राज ने भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को उक्त राशि भुगतान करने का आदेश दिया है।