फोटो 39अरावली बचाओ मंच के सदस्य अरावली पर्वतमाला संरक्षण को लेकर बैठक करते।स्रोत प्रवक्ता
नारनौल। भू-वैज्ञानिक ओपी यादव ने कहा कि किसी पर्वत का महत्व केवल उसकी ऊंचाई से नहीं बल्कि उसकी भू-वैज्ञानिक संरचना, भूजल पुनर्भरण क्षमता और जैव-विविधता से निर्धारित होता है। यह बात उन्होंने हुडा सेक्टर में अरावली बचाओ मंच के तत्वावधान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर आयोजित संगोष्ठी में कही।
इस संगोष्ठी का आयोजन दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. आरएन यादव द्वारा किया गया, जबकि अध्यक्षता प्रसिद्ध भू-वैज्ञानिक ओपी यादव ने की।
अरावली बचाओ मंच ने मांग की कि अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में सभी प्राकृतिक पहाड़ियों को शामिल किया जाए, ऊंचाई के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त किया जाए। अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जनभागीदारी के माध्यम से अरावली संरक्षण आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर सुमेर सिंह, गोकुल चंद, डॉ. रविंद्र, श्वेता, माखन लाल तंवर, काशी राम, अमरजीत, अशोक कुमार, हर्ष सैनी, प्रेम यादव और कंवर सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।