नारनौल। जिले के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं सुबह व रात के समय मीठी ठंड और दिन में गर्मी बनी है। बदलते मौसम में लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी प्रभावित हो रही है। आगामी दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह में एक के बाद एक दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी। इससे तापमान में बढ़ोतरी होगी।
शुक्रवार को नारनौल में न्यूनतम तापमान 17.8 और अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सबसे ज्यादा मरीज खांसी, जुकाम व बुखार के आ रहे हैं।
पोटैशियम नाइट्रेट के छिड़काव करने की सलाह
नारनौल में कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल में दानों के भराव की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है जिससे दाने छोटे व हल्के रह सकते हैं। यदि दिन का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है, तो गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए 20 प्रतिशत पोटैशियम नाइट्रेट का छिड़काव करें। इसके लिए 2 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। फसल में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें ताकि खेत में नमी बनी रहे। विशेष ध्यान रखें कि तेज हवा चलते समय सिंचाई न करें, अन्यथा फसल के गिरने की संभावना रहती है।