नारनौल। हरियाणा सरकार के निर्देश अनुसार जिला प्रशासन खनन तथा खनिज से संबंधित सभी कार्यों को पारदर्शिता के साथ करवाने को प्रतिबद्ध है। इसी का नतीजा है कि जिला महेंद्रगढ़ में फरवरी से अब तक सरकार को 28 करोड़ 66 लाख 36 हजार रुपये का राजस्व मिला है।
यह जानकारी उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बुधवार को लघु सचिवालय में अवैध खनन को रोकने के लिए बनी जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में दी।
जिला खनन इंजीनियर डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में आठ जगहों पर सरकार द्वारा खनन के लिए पारदर्शी तरीके से अनुमति दी गई है। जिला में 94 स्टोन क्रशर संचालित हैं। 66 पत्थर पीसने वाली छोटी इकाइयां संचालित हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी से अब तक 28 करोड़ 66 लाख 36 हजार रुपये का राजस्व खदानों तथा जुर्माने के तौर पर मिला है। फरवरी से अब तक अवैध परिवहन व खनन में 55 वाहन जब्त किए गए हैं।
इनमें से 16 जब्त वाहनों से 66 लाख 48 हजार रुपये जुर्माना व रॉयल्टी वसूल की गई। इस अवधि में अवैध परिवहन के साथ-साथ अवैध माइनिंग के अपराध में 33 जब्त वाहनों के चालान किए गए। उन्होंने बताया कि बायल, निजामपुर व नांगल चौधरी में चैकपोस्ट स्थापित की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि ना हो। इस अवधि में 1700 वाहनों की जांच की गई। इस मौके पर नांगल चौधरी के एसडीएम मनोज कुमार, महेंद्रगढ़ के एसडीएम अनिल यादव, नारनौल के एसडीएम रमित यादव, डीएसपी सुरेश कुमार के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।